बिजली लाइन दुरुस्त करते समय दर्दनाक हादसा।
करंट लगने से संविदा कर्मी की मौत, विभाग पर लापरवाही का आरोप।
धुमाकोट। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल स्थित नैनीडांडा ब्लॉक के चमाड़ा गांव में बिजली लाइन की मरम्मत के दौरान एक भीषण हादसा हो गया। कार्य के दौरान अचानक बिजली दौड़ने से 30 वर्षीय आउटसोर्सिंग कर्मचारी की मौके पर ही झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों और कर्मचारियों ने विद्युत विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए भारी आक्रोश जताया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान विदुर (35 वर्ष) पुत्र कृपाल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से खटीमा (ऊधमसिंह नगर) का निवासी था। विदुर विद्युत उपखंड धुमाकोट में आउटसोर्सिंग (ठेकेदारी) के माध्यम से बतौर लाइनमैन कार्यरत था। बताया जा रहा है कि चमाड़ा गांव में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की शिकायत मिलने पर विदुर लाइन ठीक करने पहुंचा था। मरम्मत कार्य के दौरान ही वह हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विभाग द्वारा बिना शटडाउन लिए ही युवा कर्मचारी को पोल पर चढ़ने के लिए भेज दिया गया था, जो सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। इस हादसे ने विद्युत विभाग में ठेकेदारी व्यवस्था के तहत काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग में अधिकतर लाइनमैन बिना किसी पुख्ता सुरक्षा उपकरणों (जैसे ग्लव्स, सेफ्टी बेल्ट या इंसुलेटेड किट) के भगवान भरोसे काम करने को मजबूर हैं। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।


