लस्तर नदी के उफान से धारकुड़ी में भारी कटाव, कृषि भूमि, गौशाला व मत्स्य तालाब को नुकसान।
लगातार जारी मूसलाधार बारिश के कारण पश्चिमी बांगर क्षेत्र के लस्तर नदी तट पर बसे धारकुड़ी गांव में कल रात जलस्तर अचानक बढ़ने से तबाही मच गई। उफनती नदी ने तेजी से भूमि कटाव शुरू कर दिया, जिससे ग्रामीणों की कृषि भूमि को भारी क्षति पहुंची है। इसके अलावा, गांव की गौशाला और मत्स्य पालन तालाबों में मलबा व गाद भरने से व्यापक नुकसान हुआ है।
ग्राम प्रधान स्नेहा पंवार ने बताया कि गांव पहले भी ऐसी आपदा झेल चुका है। पूर्व में ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी तट पर सुरक्षा दीवार (तटबंध) के निर्माण की पुरजोर मांग की थी, लेकिन निर्माण न होने से कृषि भूमि एक बार फिर नदी के बहाव की चपेट में आ गई। घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग हरकत में आया और राजस्व उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन शुरू कर दिया है। ग्राम प्रधान ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शेष कृषि भूमि और गांव को भावी कटान से बचाने के लिए लस्तर नदी पर अतिशीघ्र सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाए।





