लस्तर हिलाईं एफपीसी और आईआरडी फाउंडेशन ने मनाया विश्व पर्यावरण दिवस।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत हुआ पौधरोपण।
रुद्रप्रयाग: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लस्तर हिलाईं फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीसी) और आईआरडी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। इस वर्ष 2026 में विश्व पर्यावरण दिवस 'क्लाइमेट एक्शन' (जलवायु कार्रवाई) की थीम पर मनाया जा रहा है, जिसके तहत संस्था के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों ने बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए लस्तर हिलाईं फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निदेशक सतीश भट्ट ने भारतीय मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "हमारी पौराणिक और समृद्ध संस्कृति हमेशा से पर्यावरण संरक्षण की पक्षधर रही है। हमारे काव्य और साहित्य में वट, पीपल और नीम जैसे वृक्षों को रोपने तथा इस पावन धरा के श्रृंगार का विस्तृत उल्लेख मिलता है। हम प्रकृति को देवतुल्य मानते हैं, यही वजह है कि पर्वतीय क्षेत्रों में आज भी 'वन देवता' की पूजा की जाती है, जो प्रकृति के प्रति हमारे अटूट समर्पण को दर्शाता है।"
श्री भट्ट ने आधुनिक जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए सचेत किया कि भौतिकवाद की अंधी दौड़ में मनुष्य अपनी मूल पहचान खोता जा रहा है। इस पहचान और संतुलन को वापस कायम करना हम सभी का सामूहिक कर्तव्य है।
आईआरडी फाउंडेशन के निदेशक विजय नेगी ने पर्यावरण में आ रहे बदलावों और मानव जीवन पर पड़ रहे इसके दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा, "जल, जंगल और जमीन ही हमारे जीवन की असली धुरी हैं। आज हमें स्वयं से यह सवाल पूछना होगा कि जीवन के इन मूल आधारों के प्रति हम कितने संवेदनशील हैं?"
श्री नेगी ने बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि आज पेयजल और भोजन के साथ-साथ सांस लेने वाली हवा भी दूषित हो चुकी है और इसके जिम्मेदार हम स्वयं हैं। उन्होंने आह्वान किया कि समय रहते हमें चेतना होगा, अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा और हमारे मनीषियों के दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए प्रकृति को बचाना होगा।
इस मौके पर दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों सहित आशीष नेगी, श्री वासुदेव टेक्सी यनियन अध्य्क्ष हरीश पुण्डीर, उम्मेद सिंह राणा सहित पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने पौधों की देखभाल करने की जिम्मेदारी भी ली।


