हिमालय की आवाज का असर: जर्जर छत से मिली मुक्ति।
अब चमकते फर्श और सुरक्षित छत के साथ संवरा प्राथमिक विद्यालय नवदेव आगर।
रामरतन सिंह पवांर, जखोली (रुद्रप्रयाग)। विकासखंड जखोली के अंतर्गत ग्राम पंचायत त्यूँखर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवदेव आगर के दिन अब फिर गए हैं। वर्षों से जर्जर और खतरनाक स्थिति में रहे विद्यालय भवन की बदहाली को जब ‘हिमालय की आवाज’ न्यूज पोर्टल ने प्रमुखता और निरंतरता के साथ प्रकाशित किया, तो शासन-प्रशासन की नींद टूटी। न्यूज पोर्टल की खबर का कड़ा संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग ने तत्काल मरम्मत हेतु बजट स्वीकृत कर विद्यालय का कायाकल्प कर दिया है।
विदित हो कि इस विद्यालय की छत वर्षों से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में थी, जिससे छत का मलबा लगातार नीचे गिरता रहता था। बरसात के दिनों में पानी कमरों के भीतर भरने से शिक्षकों और नौनिहालों को पठन-पाठन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। स्थिति इतनी नाजुक थी कि अभिभावक किसी बड़ी अनहोनी की आशंका में अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी कतराने लगे थे। इस जनहित के मुद्दे को सोशल मीडिया और विशेषकर 'हिमालय की आवाज' पोर्टल ने लगातार शासन के कानों तक पहुँचाया।
जनता की आवाज और मीडिया की सक्रियता रंग लाई और शिक्षा विभाग ने निविदाएं (टेंडर) आमंत्रित कर ठेकेदार को मरम्मत का कार्य सौंपा। ठेकेदार द्वारा विद्यालय की छत पर नई टिकाऊ चादरें (शीट्स) लगाई गई हैं, जिससे अब भविष्य के लिए छत पूरी तरह सुरक्षित हो गई है। इतना ही नहीं, विद्यालय के कमरों और बरामदे के फर्श पर भी कीमती टाइल्स लगाकर इसे एक नया और आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है।
विद्यालय का भवन सुरक्षित होते ही इसका सकारात्मक असर अब छात्र संख्या पर भी दिखने लगा है। कायाकल्प के तुरंत बाद कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का दाखिला नवदेव आगर स्कूल में कराना शुरू कर दिया है, जिससे यहाँ प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। वर्तमान में यहाँ दो अध्यापक कार्यरत हैं, लेकिन बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए ग्रामीणों ने अब यहाँ तीसरे अध्यापक की नियुक्ति की मांग उठाई है। स्थानीय जनता ने विद्यालय की सूरत बदलने के लिए न्यूज पोर्टल और विभाग का आभार जताया है।


