रामरतन सिंह पंवार
आजादी के दशकों बाद भी सड़क को तरस रहा लुठियाग।
ग्रामीणों ने दी विधानसभा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी।
जखोली- विकासखंड जखोली के अंतर्गत ग्राम पंचायत लुठियाग आज डिजिटल भारत के दौर में भी मूलभूत सड़क सुविधा से पूरी तरह वंचित है। पिछले 16 वर्षों से ग्रामीण लगातार सड़क निर्माण की माँग कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की घोर उदासीनता के चलते स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण अपनी इस जायज माँग को लेकर पूर्व में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, सांसद सौरभ बहुगुणा और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस को कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन आज तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। इससे समूचे क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
दरअसल, चिरबटिया मुख्य बाजार से मूल गाँव लुठियाग तक लगभग 5 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग का निर्माण होना था। विडंबना यह है कि लोनिवि द्वारा वर्ष 2010 से केवल सर्वेक्षण (सर्वे) का ही खेल खेला जा रहा है, जिससे जनता खुद को ठगा सा महसूस कर रही है। सड़क न होने से चिरबटिया से लुठियाग प्राथमिक विद्यालय आने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों को घने जंगलों के बीच से पैदल गुजरना पड़ता है, जहाँ हर वक्त जंगली जानवरों का भय बना रहता है। स्थिति इतनी विकट है कि कोई भी अकेला व्यक्ति इस रास्ते पर चलने से कतराता है। वहीं, किसी के बीमार होने पर मरीज को 5 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई पार कराकर डोली के सहारे अस्पताल पहुँचाना पड़ता है।
हाल ही में ग्रामीणों ने जखोली पहुँचे प्रभारी मंत्री गणेश जोशी को भी इस समस्या से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मोटर मार्ग का निर्माण शुरू नहीं किया गया, तो वे भूख हड़ताल पर बैठने और आगामी विधानसभा चुनाव का पूर्ण बहिष्कार करने को मजबूर होंगे।
समस्या के समाधान और आंदोलन की रूपरेखा तय करने हेतु ग्राम प्रधान सुदीपा मैहरा की अध्यक्षता में 'मोटर मार्ग निर्माण समिति' का गठन किया गया है। समिति में कुवँर सिंह कैन्तूरा को अध्यक्ष, हरेंद्र सिंह कैन्तूरा को उपाध्यक्ष, कमल सिंह कैन्तूरा को सचिव, राम सिंह को कोषाध्यक्ष तथा प्रधान सुदीपा मैहरा को संरक्षक मनोनीत किया गया है। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि यदि सरकार ने अतिशीघ्र सुध नहीं ली, तो वे समस्त ग्रामीणों को साथ लेकर चिरबटिया मुख्य बाजार में चक्का जाम, क्रमिक अनशन और आमरण अनशन की राह पकड़ेंगे।


