जखोली में कृषि विकास की नई पहल

अनुसूचित जाति उप योजना के तहत कृषि व बागवानी पर आयोजित कार्यक्रम,
खबर शेयर करें:

 

जखोली में कृषि क्रांति: उन्नत किस्म के पौधों का वितरण और विशेषज्ञों ने दिए किसानों को सफलता के मंत्र।



ICAR-NIPB नई दिल्ली की पहल: अनुसूचित जाति उप योजना के तहत किसानों को मिली निःशुल्क रोपण सामग्री और प्रशिक्षण

 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से विकासखंड जखोली के सभागार में उन्नत कृषि एवं बागवानी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान NIPB (नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर प्लांट बायोटेक्नोलॉजी) के वैज्ञानिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किसानों को फल एवं सब्जियों के पौधों का वितरण किया गया और आधुनिक तकनीक से खेती करने के गुण सिखाए गए।



​कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विकास पर जोर देते हुए परिसीमन क्षेत्र के 75 किसानों को 300 उन्नत पौधे वितरित किए गए। वहीं, नगदी फसल को बढ़ावा देने के लिए 25 किसानों को 250 कीवी के पौधे और 60 काश्तकारों को टमाटर के 25,000 पौधे प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त ग्राम गोरती, भंणगा, कोटि, भटवाड़ी में धान कुटाई की मशीन दी गयी व आधुनिक संसाधनों और तकनीकों पर विशेष चर्चा की गई। 

​इस अवसर पर NIPB के निदेशक डॉ. आर. सी. भट्टाचार्य ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा  वित्त पोषित योजना अनुसूचित जाति उप योजना को भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद की राष्ट्रिय पादप जैविक-प्रौद्योगिकी संस्थान नई दिल्ली के द्वारा निशुल्क पौध/कलम/रोपण सामग्री वितरण व प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। नई तकनीक और हाइब्रिड बीजों के प्रयोग से पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि क्रांति लाई जा सकती है। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आशीष गुप्ता, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दीपक सिंह बिष्ट और डॉ. शबाना बेगम ने मिट्टी के स्वास्थ्य, कीट नियंत्रण और टमाटर व कीवी की खेती में आने वाली बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कृषि उद्यमी निर्मल तोमर ने किसानों को स्वरोजगार और बाजार प्रबंधन के गुर सिखाए।

 इस दौरान ब्लॉक प्रमुख विनीता चमोली, कनिष्ठ प्रमुख राजेन्द्र सिंह रावत और पूर्व प्रमुख प्रदीप थपलियाल व पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख नागेंद्र पंवार ने वैज्ञानिकों का स्वागत किया और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया।

​कार्यक्रम में उपस्थित अन्य प्रमुख व्यक्तियों में पूर्व प्रधान एवं संगठन अध्यक्ष (जखोली) महावीर पँवार, प्रधान (ललूड़ी) ज्योति देवी, प्रधान (गोरती) रश्मि देवी, और प्रधान (भटवाड़ी) उम्मेंद लाल शामिल रहे। साथ ही जितेंद्र लाल, विनोद मनोहर ममगाईं, संतोष भणगा, शांति लाल शाह, प्रेम लाल शाह, नरेंद्र चौहान, महेंद्र राज भट्ट और हयात सिंह राणा ने भी अपने विचार साझा करते हुए क्षेत्र में कृषि के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बात कही।

खबर पर प्रतिक्रिया दें 👇
खबर शेयर करें:

हमारे व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ें-

WhatsApp पर हमें खबरें भेजने व हमारी सभी खबरों को पढ़ने के लिए यहां लिंक पर क्लिक करें -

यहां क्लिक करें----->