उत्तराखंड: जनता पर 'पलायन' की मार, मंत्रियों पर 'भत्तों' की बौछार; यात्रा भत्ते में 50% का इजाफा।
मंत्रियों के यात्रा भत्ते में 50% की भारी बढ़ोतरी, अब हर महीने मिलेंगे 90 हजार रुपये।
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के मंत्रियों के यात्रा भत्ते (Traveling Allowance) में बड़ी बढ़ोतरी करते हुए इसे 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 90 हजार रुपये प्रति माह कर दिया है। गोपन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्रियों को प्रदेश या देश के भीतर पदेन दायित्वों के निर्वहन के लिए की गई यात्राओं पर प्रतिमाह अधिकतम 90 हजार रुपये की प्रतिपूर्ति मिल सकेगी। गौरतलब है कि अगस्त 2024 में विधायकों के वेतन-भत्तों में हुई ऐतिहासिक वृद्धि के बाद से मंत्रियों के भत्तों में बदलाव की मांग उठ रही थी। पिछले साल विधायकों का कुल वेतन-भत्ता लगभग 2.90 लाख से बढ़ाकर 4 लाख रुपये प्रति माह कर दिया गया था, जिसके बाद हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों के यात्रा भत्ते की सीमा बढ़ाने पर सहमति बनी और अब इसका औपचारिक आदेश भी जारी हो गया है।
हालांकि, सरकार के इस फैसले ने राज्य के नीतिगत प्राथमिकताओं पर एक नई बहस छेड़ दी है। एक ओर जहां जनप्रतिनिधियों के सुख-सुविधाओं और भत्तों में लगातार इजाफा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर 'पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी' को रोकने की चुनौती अभी भी बरकरार है। राज्य गठन के दशकों बाद भी उत्तराखंड अपनी स्थायी राजधानी के मुद्दे पर स्पष्टता और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। रोजगार की कमी और स्वास्थ्य-शिक्षा जैसे मूलभूत ढांचों की जर्जर स्थिति के कारण गांवों से हो रहा बेतहाशा पलायन आज भी प्रदेश की सबसे बड़ी त्रासदी बनी हुई है। ऐसे में सीमित वित्तीय संसाधनों वाले इस पहाड़ी प्रदेश में मंत्रियों और विधायकों पर बढ़ते सरकारी खर्च को लेकर आम जनता और जानकारों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है, जो इसे जनसरोकारों से विमुख कदम मान रहे हैं।


