मोटर मार्ग निर्माण को लेकर जिलाधिकारी और लो नि वि के अधिकारियों का घेराव करेगी जनता- The public will gherao the District Magistrate and the officials of the PWD regarding the construction of the motor road

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 रामरतन सिंह पंवार-जखोली

डडोली-डोभा मोटरमार्ग निर्माण के लिए ग्रामीणों का धरना शुरू सोमवार से क्रमिक-अनशन शुरू करेंगे ग्रामीण


मोटर मार्ग निर्माण को लेकर   जिलाधिकारी और लो नि वि के अधिकारियों का घेराव करेगी जनता



रुद्रप्रयाग। बड़मा क्षेत्र में डडोली-डोभा मोटरमार्ग का निर्माण कार्य आधा-अधूरा छोड़े जाने पर स्थानीय ग्रामीणों ने बिनौ बैंड के समीप क्रमिक-अनशन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि सड़क का काम शुरू नहीं हुआ तो वह विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

दरअसल, 2008 में डडोली-डोभा मोटरमार्ग की स्वीकृति मिली थी और वर्ष 2018-19 में इस मोटरमार्ग का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। स्थिति यह है कि इस मोटरमार्ग को आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है। स्थानीय लोग कई बार प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर चुके हैं, लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पाई है। अधिकारी आपसी विवाद की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। 

आंदोलन को समर्थन देने ब्लॉक प्रमुख प्रदीप थपलियाल, पूर्व काबीना मंत्री मातबर सिंह कंडारी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र बुटोला, सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकुर रौथाण, पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह बुडेरा पहुँचे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए दो-चार होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास में सड़क की अहम भूमिका है। लेकिन सरकार गहरी नींद में सोई हुई है। 

डडोली-डोभा सड़क निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनोद नेगी, प्रधान प्रकाश रावत, जिला पंचायत सदस्य रेखा बुटोला चौहान, क्षेत्र पंचायत सदस्य आनंद रौथाण, महिला मंगल दल अध्यक्ष सुनीता देवी, युवक मंगल अध्यक्ष अनूप रावत, पूर्व प्रधान मनोज नेगी, राजकीय इंटर कॉलेज मणिपुर अध्यक्ष यशवंत रावत, पूर्व प्रधान अरखुंड धर्मेंद्र नेगी, पूर्व प्रधान डालसिंगी मोहन सिंह भंडारी, ग्राम प्रधान डडोली सुमान रौथाण, सामाजिक कार्यकर्ता दरबान रावत, बीडीसी सिल्ला सावन नेगी ने कहा कि सड़क निर्माण से चौरा, कॉलोनी, राजकीय इंटर कॉलेज मणिपुर, डोभा की करीब दो हजार की आबादी को लाभ मिलेगा। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को आज भी तीन किमी पैदल चलना पड़ता है। किसी व्यक्ति के बीमार होने पर उसे चारपाई में लिटाकर अस्पताल पहुँचाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन तभी खत्म होगा, जब सड़क निर्माण का कार्य शुरू होगा। इंटर कॉलेज की बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी सड़क न होने से शुरू नहीं हो पा रहा है। मटीरियल ढुलान में लागत अधिक आने से ठेकेदार ने हाथ खड़े कर दिए हैं। 

स्थानीय लोगों ने कहा कि सोमवार से क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही जिलाधिकारी और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। 

यूकेडी ने दिया आंदोलन को समर्थन 

 वहीं डडोली-डोभा मोटरमार्ग को लेकर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों को उत्तराखंड क्रांति दल ने समर्थन दिया। उक्रांद के युवा नेता मोहित डिमरी ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि इस लड़ाई में वह जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य बनाने के पीछे मूल अवधारणा आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन राष्ट्रीय दलों ने हमेशा पहाड़ की उपेक्षा की है। पहाड़ के कई गावँ आज भी सड़क से महरूम हैं। ऐसे में आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। आज जनता को अपने हक के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ रहा है।


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