रामरतन सिह पवांर/जखोली
विजय पर दिवस काग्रेंस की रैली मे उमड़ा भारी जन सैलाब
16 दिसंबर को परेड ग्राउंड मे विजय दिवस पर आयोजित विजय दिवस के अवसर पर इस जन सभा,में काँग्रेस पार्टी के नेता राहुल गाँधी अपनी बात जन जन तक पहुँचाने में सबसे बड़ी कामयाबी हासिल की है। आपको बता दे कि काग्रेंस पार्टी की देहरादून मे हुई विशाल जन सभा मे हजारों, लाखो की जनसंख्या मे जमा होने वाली भीड़ ने एक बार देश मे राज करने वाली भाजपा को यह दिखा दिया कि वास्तव मे 2022 मे होने वाले विधानसभा चुनाव मे काग्रेंस पार्टी चुनाव लड़कर जीत हासिल कर सकेगी और उतराखंड मे अपना परचम लहरा कर सरकार बनाने मे कामयाबी हासिल करेगी।
आखिर काग्रेंस की ये ऐतिहासिक भीड़ ही जीत की सबसे बड़ी सच्चाई है।शायद इससे पूर्व इसी परेड ग्राउंड मे मोदी की रैली मे इतनी भीड़ नही दिखी जितनी कि विजय दिवस पर राहुल गांधी की रैली मे नजर आयी। येसी भीड़ को देखकर सता पक्ष के होश उड़ गये कि आखिरकार काग्रेंस की रैली मे ऐसा जन सैलाब क्यो उमड़ा। इस जनसैलाब का मुख्य कारण है कि जनता भारतीय जनता पार्टी की नीतियों से त्रस्त हो चुकी है जिससे कि समाज मे रहने वाले हर तबके का व्यक्ति इस सरकार से परेशान है और अब सता को बदलने की इच्छुक है। आज पूरे देश मे महगांई आसमान को छूने लगी है, बेरोजगारी चरम सीमा पर पहुंच चुकी है ,सरकार द्वारा बार-बार नियम बदलने से कार्यो मे व्यवधान पैदा होना , समय पर काम न होना सहित कई कारण इस सरकार मे अड़चने पैदा कर रही है। एक बात साफ है कि समाज मे कई लोग ऐसे भी है जो
सरकार द्वारा किये या कराये जाने वाले कार्यो से आज भी अनविज्ञ है।वे लोग बेरोजगारी को नही समझ सकते, उनको तो केवल एक ही चीज नजर आ रही है कि मोदी सरकार हमे फ्री राशन दे रही, आज देश मे बढती हुई महगांई.स्वास्थ्य, शिक्षा, का बूरा हाल है। आपने देखा होगा कि राहुल गांधी बड़ा दिलासा दे गये। कि डरो मत हम है ,अन्याय के खिलाफ जनता के साथ खड़े रहने का दम भरा। 16 दिसम्बर की रैली म राहुल परिपक्व नजर आये
उनकी आँखो मे जुल्म और नफरत के खिलाफ सोले और अंगारे नजर आ रहे थे। अगर काग्रेंस की रैली को गौर से देखा जाय तो विपक्ष अपने 100 लाने मे कामयाब होता दिखाई दे रहा है, सताधारियो का मुंह पर से थूक सुखा हुआ दिखाई दे रहा है और होंठो पर फर्जी मुस्कान। अब देखना होगा कि 2022 के विधानसभा चुनाव मे जनता किसको सता के सिहांसन पर बैठाती है।

