तिलवाड़ा बाजार में आवारा सांड के हमले से घायल बुजुर्ग की मौत, गौशाला निर्माण की उठी मांग।
तिलवाड़ा, रुद्रप्रयाग। तिलवाड़ा बाजार में 14 अक्टूबर को सांड के हमले में घायल विकासखंड जखोली के वाड़धार सिलगढ़ निवासी 72 वर्षीय विजय सिंह की उपचार के दौरान 18 अक्टूबर को महंत इंद्रेश अस्पताल में मौत हो गई। घटना के बाद बाजार में बढ़ती आवारा गोवंश की समस्या और लोगों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय नागरिकों ने चिंता जताते हुए नगर पंचायत से स्थायी गौशाला निर्माण की मांग की है।
स्थानीय महिलाओं संगीता किमोठी, अर्चना मैठाणी, संगीता चमोला, शशि गुसाईं और इंदु नौटियाल ने कहा कि तिलवाड़ा बाजार में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। गोवंश के वाहनों के सामने आने से जाम की स्थिति बनती है, वहीं विद्यार्थियों और राहगीरों पर हमले का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने कहा कि पशु पॉलीथिन खाने को मजबूर हैं। नगर पंचायत के कर्मचारी दिन में पशुओं को बाजार से दूर छोड़ते हैं, लेकिन रात होते ही वे वापस बाजार में पहुंच जाते हैं। उन्होंने नगर पंचायत से स्थायी गौशाला बनाने की मांग की।
मृतक के गांव के निवासी राहुल, खुशहाल सिंह, सुनीता देवी, ग्राम प्रधान दीपा देवी सहित गुमान सिंह, दलवीर सिंह और सुजान सिंह ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कानूनी सलाह लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पशुपालन विभाग से गोवंश की टैगिंग और पशु मालिकों की पहचान की व्यवस्था आमजन के लिए सुलभ बनाने की मांग भी उठाई।
नगर पंचायत अध्यक्ष तिलवाड़ा विनीता पुरी ने बताया कि नगर पंचायत में 15 गायों की क्षमता वाली अस्थायी गौशाला संचालित है। कर्मचारियों द्वारा शाम को गायों को वहां रखा जाता है, लेकिन सुबह वे फिर बाजार पहुंच जाती हैं। उन्होंने बताया कि स्थायी गौशाला निर्माण के लिए वन विभाग से भूमि उपलब्ध कराने को पत्राचार किया गया है। भूमि मिलते ही निर्माण की कार्रवाई की जाएगी।

