सामुदायिक हैजर्ड मैपिंग से संवेदनशील क्षेत्रों की होगी पहचान।
वन्यजीव सप्ताह में जागरूकता कार्यक्रम और स्वच्छता अभियान आयोजित।
रुद्रप्रयाग- मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान के लिए रुद्रप्रयाग वन प्रभाग सामुदायिक हैजर्ड मैपिंग की प्रक्रिया निरंतर जारी रखेगा। इसके तहत ग्रामीणों के पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय अनुभवों, वन्यजीवों की आवाजाही और पूर्व में हुई घटनाओं के आधार पर संभावित संघर्ष वाले हॉटस्पॉट चिह्नित किए जा रहे हैं।
वन्यजीव सप्ताह (2 से 8 अक्टूबर) के दौरान उत्तरी एवं दक्षिणी जखोली रेंज के कोटी, डांगी, सिनगाटा, स्वीली-सेम और डडोली सहित खांकरा रेंज के पाटा, बांसी, च्वींथ, सौंड़, पपड़ासू, स्यारी और पटनौली गांवों में सामुदायिक हैजर्ड मैपिंग की गई। ग्रामीणों से संवाद कर वन्यजीवों की गतिविधियों और संवेदनशील स्थलों की जानकारी जुटाई गई। इस पहल से स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप सुरक्षा और संघर्ष रोकथाम की रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।
वन्यजीव सप्ताह के दौरान अगस्त्यमुनि एवं खांकरा रेंज तथा गुप्तकाशी यूनिट सहित विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, चित्रकला प्रतियोगिताएं, बर्ड वाचिंग और रात्रि गश्त आयोजित की गई। विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की जानकारी दी गई। साथ ही कैमरा ट्रैप, ड्रोन, बाइनोक्युलर और नाइट विजन दूरबीन के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।
समापन दिवस पर प्रभागीय वनाधिकारी विनीत कुमार मिश्रा के नेतृत्व में चोपता क्षेत्र के मक्कू बैंड और बनियाकुंड में स्वच्छता अभियान चलाया गया। वन पंचायत मक्कू, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने कचरा एकत्र कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।







