जखोली में लाल धान की खेती का प्रयोग, 11 नाली भूमि में फसल तैयार; काश्तकारों को बेहतर बाजार की उम्मीद

जखोली में लाल धान की खेती, रुद्रप्रयाग लाल धान, लाल धान की खेती उत्तराखंड, जखोली समाचार, रुद्रप्रयाग समाचार, लौंगा गांव लाल धान, उत्तराखंड में लाल धान
खबर शेयर करें:

 

जखोली में लाल धान की खेती का प्रयोग, फसल देख उत्साहित हैं काश्तकार।

रुद्रप्रयाग जखोली में लाल धान की खेती का प्रयोग- हिमालय की आवाज

यमुनाघाटी से बीज मंगाकर किसान ने 11 नाली भूमि में की खेती, बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद।

जखोली। रुद्रप्रयाग जिले के जखोली विकासखंड में यमुनाघाटी के लाल धान की खेती का प्रयोग काश्तकारों के लिए उम्मीद की नई राह खोलता नजर आ रहा है। ग्राम पंचायत लौंगा निवासी संतोषी देवी ने उत्तरकाशी की यमुनाघाटी से लाल धान का बीज मंगाकर करीब छह नाली सिंचित और पांच नाली असिंचित भूमि में इसकी खेती की है। खेतों में फसल पकने को तैयार है, जिसे देखकर काश्तकार उत्साहित हैं।

संतोषी देवी ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें लाल धान के चावल की बाजार कीमत पारंपरिक धान की अपेक्षा अधिक होने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने इसे प्रयोग के तौर पर उगाने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि मेहनत लगभग समान होने के बावजूद पारंपरिक फसलों को अपेक्षित बाजार नहीं मिल पाता। ऐसे में खेती में नए विकल्पों को आजमाना जरूरी है।

संतोषी देवी और उनके पति भगवान सिंह खेती के साथ सब्जी उत्पादन व पशुपालन भी करते हैं। वे प्याज, लहसुन, हरी सब्जियों सहित बेल वाली सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। भगवान सिंह का कहना है कि पहाड़ में खेती को आजीविका का मजबूत साधन बनाने की जरूरत है। खेत खाली रहने से जंगली जानवरों से होने वाला नुकसान भी बढ़ता है।

उद्यान एवं कृषि विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र प्रसाद कुकसाल ने कहा कि पहाड़ की खेती का बड़ा दायित्व महिलाओं के कंधों पर है। फसलों में विविधता और नए प्रयोग रोजगार के अवसर बढ़ा सकते हैं। उन्होंने लाल धान के लिए असिंचित भूमि को अधिक उपयुक्त बताया।

मुख्य कृषि अधिकारी रुद्रप्रयाग लोकेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि इस वर्ष किसान ने अपने प्रयास से लाल धान का उत्पादन किया है। अच्छे परिणाम मिलने पर अगले वर्ष इसे विभाग की कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।

खबर पर प्रतिक्रिया दें 👇
खबर शेयर करें:
Next
This is the most recent post.
Previous
पुरानी पोस्ट

हमारे व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ें-

WhatsApp पर हमें खबरें भेजने व हमारी सभी खबरों को पढ़ने के लिए यहां लिंक पर क्लिक करें -

यहां क्लिक करें----->