सहकारी कर्मचारियों की हड़ताल से पैक्स का काम प्रभावित, किसान बोले- जल्द हो समाधान

पैक्स समितियां, पैक्स कर्मचारी, साधन सहकारी समिति, जखोली समाचार, सहकारी समिति हड़ताल, किसानों की समस्या, उत्तराखंड सहकारिता,
खबर शेयर करें:

 

सहकारी कर्मचारियों की कलमबंद हड़ताल से पैक्स समितियों में कामकाज ठप, छह सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी।

सहकारी कर्मचारियों की कलमबंद हड़ताल से पैक्स समितियों में कामकाज ठप,

बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, किसानों ने भी जल्द समाधान की उठाई मांग

 सहकारी समिति सचिवों और कर्मचारियों की छह सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू हुई कलमबंद हड़ताल से पैक्स समितियों में कामकाज प्रभावित हो गया है। पैक्स सचिव-कर्मचारी संयुक्त संगठन उत्तराखंड के बैनर तले कर्मचारियों ने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है। इसी के चलते आंदोलन का निर्णय लिया गया। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल का असर किसानों और सहकारी समितियों से जुड़े कार्यों पर पड़ने की आशंका है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान कार्य एवं व्यवसाय वाली समितियों के एम-पैक्स के रूप में किए गए पंजीकरण को निरस्त करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि नए पैक्स का गठन क्षेत्रीय भौगोलिक स्थिति और वर्तमान व्यवसाय की संभावनाओं के आधार पर किया जाना चाहिए। इसके अलावा मिनी बैंकों के निक्षेप संरक्षण तथा समितियों की ओर से दिए गए ऋण की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने गेहूं और धान की खरीद अनिवार्य रूप से पैक्स के माध्यम से किए जाने की मांग भी उठाई है। इन मांगों को लेकर कर्मचारी शासन से स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं।

आंदोलनरत कर्मचारियों ने प्रदेश के सभी पैक्स सचिवों और कर्मचारियों को सहकारिता विभाग के मुख्य ढांचे में शामिल करने की मांग की है। साथ ही पैक्स कैडर सचिवों और सहकारी कर्मचारियों को राज्य स्वास्थ्य योजना तथा गोल्डन कार्ड का लाभ देने की मांग भी रखी गई है। कर्मचारियों ने पूर्व में भेजे गए मांगपत्रों पर आवश्यक शासनादेश तत्काल जारी करने की मांग की है। इसके अलावा समिति कर्मचारियों की शत-प्रतिशत पदोन्नति कैडर सचिव पदों पर किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। पैक्स कैडर सचिवों को शाखा प्रबंधक और सहायक विकास अधिकारी के पदों तक पदोन्नति के अवसर देने की मांग भी शामिल है।

कलमबंद हड़ताल के चलते विकासखंड जखोली की सभी साधन सहकारी समितियों में कामकाज प्रभावित होने से किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साधन सहकारी समितियों से जुड़े किसान उम्मेद सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के वेतन और पेंशन जैसे मामलों में राजनीतिक दल कई बार एकजुट दिखाई देते हैं, लेकिन किसानों के हित से जुड़ी साधन सहकारी समितियों में लंबे समय से चल रही हड़ताल पर जल्द निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसान इन समितियों से जुड़े हैं। ऐसे में सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर निर्णय लेकर हड़ताल समाप्त कराने की दिशा में पहल करनी चाहिए।

बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति गोरती से जुड़े काश्तकार हरीश सिंह ने कहा कि साधन सहकारी समितियों को राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समितियां सीधे तौर पर किसानों की जरूरतों से जुड़ी हैं और इनके माध्यम से किसानों को विभिन्न सहकारी सेवाएं मिलती हैं। ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल से व्यवस्था प्रभावित होने का सीधा असर किसानों पर पड़ता है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने और समस्या का समाधान करने की मांग की। वहीं, कर्मचारियों ने भी दोहराया है कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

खबर पर प्रतिक्रिया दें 👇
खबर शेयर करें:

हमारे व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ें-

WhatsApp पर हमें खबरें भेजने व हमारी सभी खबरों को पढ़ने के लिए यहां लिंक पर क्लिक करें -

यहां क्लिक करें----->