गुप्तकाशी आयुर्वेदिक विद्यापीठ की औषधि निर्माणशाला पर 12 साल से ताला, संचालन शुरू होने की उम्मीद।
गुप्तकाशी। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा संचालित श्री उत्तराखंड आयुर्वेदिक शिक्षा संस्थान विद्यापीठ, गुप्तकाशी की औषधि निर्माणशाला पिछले करीब 12 वर्षों से बंद है। निर्माणशाला का संचालन बंद होने से आयुर्वेद की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को औषधि निर्माण का प्रत्यक्ष एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है।
विद्यापीठ की स्थापना आजादी के समय हुई थी। यहां आयुर्वेदिक शिक्षा के साथ औषधि निर्माणशाला भी संचालित होती थी, जहां विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियां तैयार की जाती थीं। मंदिर समिति इन औषधियों को विभिन्न विक्रय केंद्रों के माध्यम से बेचती थी। इससे समिति को आय प्राप्त होने के साथ विद्यार्थियों को औषधि निर्माण का व्यावहारिक ज्ञान भी मिलता था।
बताया गया कि वर्ष 2014 में मंदिर समिति ने एक निजी संस्थान के साथ अनुबंध कर औषधि निर्माण का अधिकार उसे दे दिया। इसके बाद विद्यापीठ की निर्माणशाला बंद हो गई।
विद्यापीठ के शिक्षक डा. ब्रजेश रावत ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए औषधि निर्माणशाला का संचालन बेहद जरूरी है। आयुर्वेद फार्मेसी प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य डा. हर्षवर्धन बैजवाल ने बताया कि प्रयोगशाला में प्रयोगात्मक ज्ञान दिया जा रहा है, लेकिन विधिवत निर्माणशाला संचालित होने से प्रशिक्षण और बेहतर होगा।
मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कपरुवाण ने कहा कि समिति स्वयं औषधि निर्माणशाला संचालित करने की कार्ययोजना पर काम कर रही है। उनके अनुसार समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के संज्ञान में भी मामला है और जल्द सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है।


