कीवी उत्पादन से स्वरोजगार की राह पर बढ़ीं जखोली की मुन्नी देवी।
जखोली। विकासखंड जखोली के ग्राम कोठीयाड़ा निवासी मुन्नी देवी ने कीवी उत्पादन को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर ग्रामीण महिलाओं के लिए मिसाल पेश की है। रीप ग्रामोत्थान परियोजना के तहत उन्हें कीवी उत्पादन उद्यम के लिए ₹75 हजार का सहयोग मिला है। इसके अलावा ₹1.50 लाख बैंक ऋण और ₹75 हजार स्वयं का अंशदान मिलाकर उद्यम की कुल लागत ₹3 लाख है।
मुन्नी देवी बताती हैं कि पति वाहन चालक थे और चार वर्ष पूर्व उनका निधन हो गया। परिवार ने आर्थिक कठिनाइयों का दौर देखा। उन्होंने बंटाई पर दूसरों के खेतों में काम किया और एक समय जर्जर मकान के कारण दूसरे के घर में भी रहना पड़ा। अब उनका अपना मकान है और बच्चों की शादियां भी हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि पति का सपना अच्छा बगीचा लगाकर रोजगार करने का था, जिसे अब वह पूरा कर रही हैं। मुन्नी देवी का कहना है कि पहाड़ में धान-गेहूं के साथ फल, सब्जी और नकदी फसलों को बढ़ावा देना चाहिए। खेतों को आय का साधन बनाकर ग्रामीण परिवार अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। वह अन्य महिलाओं को भी बागवानी अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी।
खण्ड विकास अधिकारी जखोली विजय सिंह नेगी ने कहा कि मुन्नी देवी द्वारा ग्राम पंचायत कोठियाड़ा में किए जा रहे उत्पादन कार्य की सराहना की जाती है। उनके द्वारा कार्य को मेहनत, लगन एवं जिम्मेदारी के साथ किया जा रहा है। उनका कार्य अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है तथा आजीविका संवर्धन एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
जिला उद्यान अधिकारी राजेश प्रसाद जसोला ने कहा कि महिला किसान पहाड़ की रीढ़ हैं। महिलाओं का फल उत्पादन और नकदी फसलों की ओर बढ़ना रुद्रप्रयाग के लिए सार्थक पहल है। विभाग तकनीकी जानकारी और योजनाओं के माध्यम से किसानों को लगातार प्रोत्साहित कर रहा है।
कृषि एवं उद्यान विशेषज्ञ आईआरडी फाउंडेशन के निदेशक विजयपाल सिंह नेगी का कहना है कि जखोली क्षेत्र स्टोन फ्रूट व सब्जी उत्पादन के लिए जलवायु व मिट्टी अनुकूल है व अपार संभावनाएं स्वरोजगार के लिए एकीकृत खेती के मॉडल को अपना कर देखी जा सकती हैं जो क्षेत्र के विकास के लिए सहायक होगा।


