रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जन पर रिश्वत का आरोप, विजिलेंस ने 5 हजार रुपये लेते पकड़ा।
रुद्रप्रयाग। जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में तैनात ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अंकुर ठाकुर को विजिलेंस टीम ने कथित तौर पर 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोप है कि चिकित्सक ने एक व्यक्ति से विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।
विजिलेंस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत टोल फ्री नंबर 1064 पर दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए डॉक्टर द्वारा 5 हजार रुपये की मांग की जा रही है। शिकायत की गोपनीय जांच के बाद आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर ट्रैप की कार्रवाई की गई।
बताया गया कि मंगलवार को विजिलेंस की टीम ने जिला अस्पताल में जाल बिछाया। इसी दौरान शिकायतकर्ता से कथित रूप से 5 हजार रुपये लेते हुए डॉक्टर को पकड़ लिया गया।
विजिलेंस ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। गिरफ्तारी के बाद टीम ने चिकित्सक के आवास पर भी छापेमारी की। वहां दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल जिला प्रशासन की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की सूची में शामिल है।


