दशज्यूला महोत्सव में रोहित चौहान के गीतों पर झूमे दर्शक।
कुलदीप रावत द्वारा मेला समिति को एक लाख की सहायता की घोषणा।
चोपता। दशज्यूला महोत्सव के चौथे दिन लोकगायक रोहित चौहान और लोकगायिका शिवानी नेगी ने गढ़वाली गीतों की शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता कुलदीप रावत मुख्य अतिथि और भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान स्थानीय कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्य अतिथि कुलदीप रावत ने कहा कि वह सामाजिक कार्यों के लिए सदैव समर्पित रहेंगे। उन्होंने कहा कि दशज्यूला महोत्सव क्षेत्र की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का महत्वपूर्ण माध्यम है। वर्षों से आयोजित हो रहे इस मेले ने अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने मेला समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए समिति को एक लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। साथ ही महिला मंगल दलों के लिए 50 हजार रुपये देने की भी घोषणा की।
भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दौर में लोग अकेलापन महसूस कर रहे हैं, ऐसे में सांस्कृतिक आयोजन लोगों को आपस में जोड़ने का काम करते हैं। मेले में विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल भी लगाए गए हैं।
यूकेडी के पूर्व विधायक प्रत्याशी डॉ. आशुतोष ने कहा कि पहले संचार के साधन सीमित होने के बावजूद मेलों के माध्यम से प्रवासी लोग अपने गांव लौटते थे। समय के साथ मेलों का स्वरूप बदला है, लेकिन इनका सांस्कृतिक महत्व आज भी कायम है। उन्होंने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को सकारात्मक पहल बताया।
इसके बाद रोहित चौहान ने ‘खुट्यों मां पारुली तेरा घुंघरू बजदा’, ‘धन्यसिंह की गाड़ी’ और ‘मेरी भनुली’ सहित कई गढ़वाली गीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुतियों पर दर्शक जमकर झूमे। शिवानी नेगी ने भी अपनी प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम में मेला समिति के अध्यक्ष जयवर्धन कांडपाल, महासचिव कलिका कांडपाल सहित समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मंच संचालन आशुतोष पुरोहित, डीएस बर्त्वाल, राजेंद्र कांडपाल और नमिता कांडपाल ने किया।


