गणेश गुफा माणा में गूंजे गणपति के जयकारे।
पूजा-भजन और भंडारे के साथ मनाया गया गणेश जन्मोत्सव।
माणा (चमोली)। उत्तराखंड के सीमांत गांव माणा स्थित ऐतिहासिक श्री गणेश गुफा में गणेश जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। गणेश चतुर्थी के अवसर पर गुफा में विशेष पूजा-अर्चना, पंचपूजा, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक आयोजन में माणा गांव के ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान पूरा गुफा परिसर भगवान गणेश के जयकारों और भजनों से भक्तिमय हो उठा।
मुख्य अर्चक आचार्य देवी प्रसाद भट्ट ने बताया कि श्री गणेश गुफा धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी स्थान पर भगवान श्री गणेश ने वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत सहित अन्य ग्रंथों का लेखन किया था। यही वजह है कि गणेश गुफा माणा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है।
उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को माता पार्वती ने अपने उबटन से भगवान गणेश की रचना की थी। इसके बाद भगवान शिव और गणेश के बीच हुए प्रसंग में भगवान शिव ने उन्हें पुनः जीवन प्रदान किया और अपने पुत्र के रूप में स्वीकार किया। इसी दिन को भगवान गणेश के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पूर्व प्रधान पीतांबर सिंह मोल्फा ने कहा कि माणा गांव में सनातन परंपरा के अनुसार हर वर्ष गणेश जन्मोत्सव का आयोजन किया जाता है। पंचपूजा के बाद ग्रामवासियों की ओर से भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें ग्रामीणों के साथ तीर्थयात्री और श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान धर्मेंद्र चौहान, क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना देवी, बद्रीनाथ मंदिर के धर्माधिकारी स्वयंवर सेमवाल, अमित बंदोलिया रावल के सहयोगी, शरद नंद डिमरी, नवीन डिमरी, वेणी प्रसाद, कुलदीप भट्ट, सुभाष खंडूड़ी, अनूप खंडूड़ी समेत बड़ी संख्या में माणा के ग्रामीण और यात्री मौजूद रहे।





