भटवाड़ी में मां चण्डिका देवी के नौ दिवसीय पारंपरिक देव डोली नृत्य में उमड़ी आस्था।
हर तीन वर्ष में होता है आयोजन, पांच गांवों की भूमिधारी परंपरा से जुड़ा है मां चण्डिका मंदिर।
जखोली- ग्राम भटवाड़ी स्थित मां चण्डिका देवी मंदिर प्रांगण में मंदिर समिति की ओर से नौ दिवसीय थलु (पारंपरिक देवी डोली नृत्य) का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े इस आयोजन में क्षेत्र के ग्रामीण श्रद्धा और आस्था के साथ भाग ले रहे हैं।
मां चण्डिका देवी के मुख्य आचार्य श्री शिवप्रसाद थपलियाल ने बताया कि प्राचीन मान्यताओं के अनुसार ग्राम पौंठी, हिऊना, चोंरा, नन्दवाणगांव और कुनियाली गांव मां चण्डिका देवी की भूमिधारी से जुड़े हैं। इन गांवों की भूमि का कर आज भी नाली के अनुसार मंदिर को अर्पित किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह पारंपरिक आयोजन प्रत्येक तीन वर्ष में आयोजित किया जाता है। मंदिर के गर्भगृह में इसी गांव के नियुक्त पुजारी को प्रवेश की परंपरा है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष पंकज भंडारी ने बताया कि मां चण्डिका देवी की भूमिधारी गांवों के ग्रामीण सामूहिक रूप से इस पारंपरिक देव डोली नृत्य का आयोजन क्षेत्र की सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना के लिए करते हैं। आयोजन धार्मिक आस्था के साथ क्षेत्र की लोक संस्कृति और परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखने का माध्यम है।
इस अवसर पर पंकज भंडारी, संजय नौठियाल, पवन थपलियाल, चण्डिका पश्वा लक्ष्मी प्रसाद, वीरचंद राणा, रमेश कंडारी, संदीप भट्ट, परवीन बहुगुणा और विजेंद्र सिंह पंवार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



