घांघरिया में खाया जहरीला मशरूम, आधी रात देवदूत बनी चमोली पुलिस ने बचाई 4 नेपाली नागरिकों की जान।
चमोली- सीमांत जिले चमोली के घांघरिया में पुलिस की सजगता और तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। जहरीली जंगली मशरूम (कुकुरमुत्ता) खाने से गंभीर रूप से बीमार पड़े चार नेपाली नागरिकों को पुलिस ने आधी रात को रेस्क्यू कर समय पर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उनकी जान बच सकी।
घटना 24 अगस्त की रात की है। शाम करीब 7 बजे जंगल से लाई गई मशरूम की सब्जी खाने के बाद चार नेपाली मजदूरों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। तेज पेट दर्द, उल्टी और लूज मोशन की शिकायत के चलते सभी की हालत नाजुक हो गई। साथी भीम रोका ने तुरंत पुलिस चौकी घांघरिया पहुंचकर मदद की गुहार लगाई। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और देर रात का समय होने के कारण घांघरिया गुरुद्वारे की डिस्पेंसरी व मेडिकल स्टोर बंद थे, जबकि ज्योतिर्मठ स्थित मुख्य अस्पताल लगभग 10 किमी पैदल और 20 किमी वाहन मार्ग दूर होने के कारण त्वरित इलाज संभव नहीं लग रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए घांघरिया चौकी में तैनात कांस्टेबल गौरव सिंह नेगी, कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह नेगी, होमगार्ड सचिन गुसाईं, मनमोहन तथा पीआरडी जवान विनोद, प्रेमचंद व रमेश बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे। जवानों ने चारों बीमारों को सहारा देकर तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घांघरिया पहुंचाया और भर्ती कराया।
अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने रातभर चले गहन उपचार के बाद चारों मरीजों की हालत को नियंत्रित किया। 25 अगस्त की सुबह करीब 6 बजे स्वास्थ्य में पूरी तरह सुधार होने पर सभी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। पुलिस टीम ने चारों नागरिकों को सुरक्षित उनके डेरे तक पहुंचाया और भविष्य में किसी भी अज्ञात जंगली सब्जी या मशरूम का सेवन न करने की सख्त हिदायत दी। स्थानीय लोगों व नेपाली समुदाय ने चमोली पुलिस की इस त्वरित व मानवीय पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की है।


