मदमहेश्वर घाटी में चट्टान टूटने से बढ़ा मोरखण्डा नदी का जलस्तर, प्रशासन अलर्ट।
मलबा-पत्थर आने से बढ़ा नदी का बहाव, मंदाकिनी में भी जलस्तर बढ़ने की आशंका; नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने के निर्देश।
रुद्रप्रयाग। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच मदमहेश्वर क्षेत्र में चट्टान का एक हिस्सा टूटने से मोरखण्डा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बुधवार 2 सितंबर की शाम करीब 6:03 बजे डीडीआरएफ टीम मदमहेश्वर की ओर से जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सूचना दी गई कि क्षेत्र में हो रही वर्षा के कारण बनतोली के समीप चट्टान का कुछ हिस्सा टूट गया है। चट्टान टूटने के बाद मलबा और पत्थर मोरखण्डा नदी में पहुंचने से नदी का प्रवाह और जलस्तर बढ़ गया।
स्थिति को देखते हुए मंदाकिनी नदी के जलस्तर में भी वृद्धि की आशंका जताई गई है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों को अलर्ट कर दिया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने रिन्यू जल विद्युत परियोजना, कुंड को नदी की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। साथ ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से नगर पालिका परिषद रुद्रप्रयाग तथा नगर पंचायत तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि और ऊखीमठ के अधिकारियों को भी सूचना दी गई।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और संवेदनशील स्थानों पर आवाजाही करने वालों को लाउडस्पीकर के माध्यम से सतर्क करने के निर्देश दिए हैं। लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने तथा बारिश के दौरान अनावश्यक आवाजाही नहीं करने की अपील की गई है। प्रशासन ने जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थानों की ओर जाने और आपदा प्रबंधन विभाग की चेतावनियों का पालन करने को कहा है।
गौरतलब है कि बनतोली में मोरखण्डा नदी पर बनी अस्थायी लकड़ी की पुलिया जुलाई में बढ़े जलस्तर के कारण बह गई थी, जिसके बाद यात्रियों की आवाजाही के लिए ट्रॉली का सहारा लिया जा रहा था। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण मदमहेश्वर क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है।


