धारकुड़ी व लिस्वाल्टा गाँव में भारी बारिश से सहमे हैं ग्रामीण

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 धारकुड़ी व लिस्वाल्टा गाँव में भारी बारिश से सहमे हैं ग्रामीण।

 लस्तर नदी का रुख बदलने और भूस्खलन से कृषि भूमि व मकान खतरे में।

 पश्चिमी बांगर क्षेत्र के धारकुड़ी गाँव में बीते 28 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के चलते लस्तर नदी का रुख बदल गया, जिससे बड़े पैमाने पर तटवर्ती कृषि भूमि जलमग्न हो गई और एरौली व ढुङ्गधार तोक को भारी नुकसान पहुँचा। स्थिति का जायजा लेने जल निगम, जल संस्थान, पीएमजीएसवाई, सिंचाई, कृषि और आपदा विभाग की संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। ग्राम प्रधान ममता देवी ने बताया कि नदी का रुख पहले भी बदल चुका है; उन्होंने भविष्य में नुकसान रोकने के लिए तटबंधों पर सुरक्षा दीवार व रिहायशी इलाकों/गोशालाओं की सुरक्षा के लिए क्रेटवायर चेकडैम निर्माण की माँग की।

वही ग्राम लिस्वाल्टा में भी भूस्खलन फिर से सक्रिय हो गए हैं गावं के ऊपर मुंडियाल डांग नामी तोक में दरार आने से भूस्खलन का खतरा अधिक हो गया है।  वही राजस्व विभाग व सिंचाई विभाग के द्वारा सयुंक्त निरीक्षण किया गया जिसमइ बताया  गया है कि आशा देवी की गोशाला के आगे  हो रहे भूस्खलन को नहीं रोका गया तो बिपिन सिंह व भगवान सिंह  रिहायशी मकानों को खतरा बना रहेगा। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राजन कुमार ने बताया की इस स्थान पर सड़क से 1.5 मीटर ऊंचाई पर सिंचाई विभाग की नहर है यह नहर भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गयी।  नहर के ऊपर की तरफ सभी खेत व  खाली पड़ी भूमि की मिटटी में जल रिसाव है इसका कारण गावं के ऊपरी भाग बायीं तरफ बिचलि गदेरा का जल जगह जगह पर भूमिगत होने से गावं के कई मकान व गोशालाओं के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बनी हुई है  पर गेवियन वायर क्रेट  अवरोधक दीवाल का निर्माण आवश्यक है । गावं के ऊपरी भाग में जल निकास नाली की योजना  बनाई जायेगी। भू वैज्ञानिक कृष्ण सिंह सजवाण के द्वारा पूर्व में भी इन कार्यों को करवाने की बात अपनी रिपोर्ट में कहा गया था। 

ग्राम प्रधान परिवंदा देवी द्वारा बताया गया की सिंचाई विभाग के पास अभी उपलब्ध जो भी धनराशि हो उसे नहरों पर खर्च न करके हमारे गावं की सुरक्षा हेतु खर्च करने का आग्रह किया गया है। 

भू-वैज्ञानिक कृष्ण सिंह सजवाण ने भी पूर्व में अपनी रिपोर्ट में इन सुरक्षा कार्यों की सिफारिश की थी। ग्राम प्रधान परिवंदा देवी ने सिंचाई विभाग से उपलब्ध बजट को नहर की मरम्मत के बजाय तुरंत गाँव की सुरक्षा दीवार पर खर्च करने की अपील की। 

  मौके पर पहुँचीं जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत ने सिंचाई विभाग को तत्काल गेवियन वायर क्रेट सुरक्षा दीवार और जल निकासी नाली के निर्माण के साथ-साथ सभी संबंधित विभागों को नुकसान का विस्तृत आगणन शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।

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