क्यार्क बरसुड़ी में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित: साइबर सुरक्षा व सुरक्षित इंटरनेट उपयोग पर दिया बल।
पैरा लीगल वालंटियर्स ने एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर फर्जी निवेश योजनाओं, ओटीपी शेयरिंग के खतरों और सुरक्षित डिजिटल भुगतान का दिया संदेश।
रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (नैनीताल) के दिशा-निर्देशन तथा जनपद न्यायाधीश के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, क्यार्क बरसुड़ी में "साइबर सुरक्षा, इंटरनेट एवं सोशल मीडिया धोखाधड़ी" विषय पर एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के थीम सॉन्ग से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध नए-नए रूपों में सामने आ रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों व अभिभावकों को ऑनलाइन लेन-देन में सतर्क रहने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने तथा ओटीपी, बैंक विवरण व सीवीवी जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करने की सलाह दी। उन्होंने साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने पर जोर दिया।
शिविर में स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से साइबर अपराधों के तरीकों और उनसे बचाव पर आधारित जागरूकता वीडियो प्रदर्शित किए गए। इसके अलावा, पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs) ने एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर फर्जी निवेश योजनाओं, ओटीपी शेयरिंग के खतरों और सुरक्षित डिजिटल भुगतान का संदेश दिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय से आए उपनिरीक्षक (SI) ने भी साइबर सुरक्षा के कानूनी व व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सचिव पायल सिंह द्वारा विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। उपस्थित सभी लोगों को जागरूक व जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की शपथ दिलाई गई।


