रुद्रप्रयाग/जखोली। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी ने रविवार को विकासखंड जखोली स्थित ब्लॉक सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत संचालित स्वयं सहायता समूहों की क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने मातृशक्ति से सीधा संवाद करते हुए उनके द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों, उनकी बिक्री और इस राह में आने वाली चुनौतियों की विस्तृत जानकारी ली। समूह की अध्यक्षों द्वारा रखे गए सुझावों पर मंत्री ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और महिला सशक्तिकरण का सबसे सशक्त माध्यम हैं। उत्तराखंड सरकार राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 3 करोड़ महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने के विजन को दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जी-जान से जुटी है। उन्होंने समूह की महिलाओं को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना जैसी स्वरोजगार योजनाओं की बारीकियां समझाईं। उत्पादों की री-ब्रांडिंग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि 'हाउस ऑफ हिमालयाज' ब्रांड के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है, जिससे सभी समूहों को अनिवार्य रूप से जुड़ना चाहिए। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता सुधार, आकर्षक पैकेजिंग और सटीक मार्केटिंग को समय की मांग बताया।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए कि सभी स्वयं सहायता समूहों को बैंक लिंकेज, रियायती ऋण सुविधा और आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण में प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, स्थानीय उत्पादों की बेहतर पहुंच के लिए समय-समय पर आयोजित होने वाले सरस मेलों और प्रदर्शनियों में इन समूहों की भागीदारी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठेत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र रावत, जिला भेषज संघ अध्यक्ष आरती रावत, खंड विकास अधिकारी सहित बड़ी संख्या में एनआरएलएम के जिला व ब्लॉक समन्वयक और समूह की महिलाएं मौजूद रहीं।






