सर्पदंश से दो मवेशियों की मौत, पीड़ित पशुपालक ने लगाई मुआवजे की गुहार।
जखोली : मानसून की शुरुआत में भारी वर्षा व जलभराव के कारण सांप और अन्य जहरीले जीव अपने बिलों से बाहर आने लगे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इसी कड़ी में जखोली विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत घरड़ा (बुढ़ना) में गत 3 जून की रात्रि को पशुपालक जसपाल सिंह पुत्र श्री रूपसा की एक 6 वर्षीय काली दुधारू भैंस और एक वर्षीय कटिया (पड़िया) की गौशाला के भीतर जहरीले सांप के काटने से दर्दनाक मौत हो गई।
पशुपालक जसपाल सिंह के आधिकारिक बयान के अनुसार, 3 जून की रात करीब 8:00 बजे एक वर्षीय कटिया ने अचानक घास खाना बंद कर जोर-जोर से आवाज करना शुरू किया, जिसके बाद उनके द्वारा पारंपरिक घरेलू उपचार भी किया गया। रात लगभग 8:15 बजे जसपाल ने अपनी 6 वर्षीय मुख्य दुधारू भैंस का दूध दुहा और दोनों को चारा-पत्ती देकर गौशाला में सुरक्षित बांध दिया। अगले दिन 4 जून की सुबह लगभग 4:40 बजे जब उन्होंने गौशाला का दरवाजा खोला, तो दोनों मवेशी वहाँ मृत अवस्था में पड़े मिले। इस भारी क्षति से परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पर ग्राम प्रधान श्रीमती राजेश्वरी देवी सुबह 7:30 बजे मौके पर पहुँचीं और तत्काल 7:35 बजे वन विभाग के अधिकारियों को दूरभाष से सूचित किया।
इसके बाद दक्षिणी जखोली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी हरीश थपलियाल के निर्देश पर अनुभाग अधिकारी बुढ़ना ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया मृत्यु का सटीक कारण स्पष्ट न होने के चलते वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय न3 पत्र के जरिए पशुचिकित्साधिकारी जखोली को मवेशियों के विधिवत पोस्टमार्टम के निर्देश दिए। 5 जून को राजकीय पशु चिकित्सालय जखोली के पशुचिकित्साधिकारी डॉ. मनीष द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में भैंस के दाहिने थन और अयन (उद्दर) के ऊपरी हिस्से पर गंभीर सूजन व खरोंच के निशान पाए गए। साथ ही फेफड़ों में रक्तस्राव की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने अंतिम राय दी कि मवेशी की मौत जहरीले सर्पदंश (Snake bite) के कारण उत्पन्न हुए 'हाइपोवोलेमिक शॉक' और पॉइजनिंग से हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर काश्तकार पशुपालन और खेती से ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आजीविका के मुख्य स्रोत इन मवेशियों की अकाल मृत्यु से गरीब जसपाल सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्राम प्रधान राजेश्वरी देवी ने वन विभाग और शासन-प्रशासन से इस निर्धन व प्रभावित परिवार को तत्काल उचित वित्तीय मुआवजा देने की पुरजोर माँग की है।


