जखोली के खलियान गांव में फटा बादल

खलियान गांव में फटा बादल,
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जखोली के खलियान गांव में  मूसलाधार बारिश से हुआ नुकसान।

पुलिया और कृषि भूमि तबाह, प्रशासन के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश

जखोली - लगातार हो रही मूसलाधार बरसात के बीच बीते 10 जून को पश्चिमी बांगर के खलियान गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पास के खूड़गड़ गदेरे (बरसाती नाले) में अचानक पानी और मलबा आ गया। इस दैवीय आपदा से गांव के संपर्क मार्ग, 5 पैदल पुलिया, पंचायत भवन का आंगन व शौचालय और लगभग 300 नाली कृषि भूमि पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी ने बताया कि कल दिन से जारी भारी बारिश के कारण सभी लोग अपने घरों में ही थे, तभी अचानक गदेरे ने रौद्र रूप धारण कर लिया। आपदा का मलबा और भारी बोल्डर गांव के पंचायत भवन और स्थानीय निवासी रामचंद्र भट्ट की दुकान व मकान के पीछे तक घुस आए। रामचंद्र भट्ट के मुताबिक, गांव की बसावट के बाद इस छोटे गदेरे में पहली बार इतनी बड़ी तबाही देखी गई है, जिससे उनके आशियाने को खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की है।

 ग्रामीण रमेश सिंह ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपदा के 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी शासन-प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जो विभाग की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता को उजागर करता है।

दूसरी ओर, घटना की सूचना मिलते ही पूर्व जिला पंचायत सदस्य व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार ने प्रभावित क्षेत्र का संज्ञान लिया। उन्होंने ग्रामीणों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में उत्तराखंड सरकार पूरी तरह गांव वालों के साथ खड़ी है। जल्द ही नुकसान का सटीक आकलन कर सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएंगे।

ग्रामीण सतीश भट्ट, राजेन्द्र प्रसाद, सुखदेव जाखी के द्वारा बताया गया कि ग्रामीणों की आर्थिकी खेती किसानी पर सीमित है गावँ में खेती की जमीन को अत्यधिक नुकसान पहुंचा है जिसका मुवावजा के साथ कृषि भूमि सुधार हेतु प्रशासन सहयोग करे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) जखोली, भगत सिंह फोनिया ने बताया कि राजस्व उपनिरीक्षक (पटवारी) और तहसीलदार को तुरंत मौके पर रवाना कर दिया गया है। साथ ही खंड विकास अधिकारी  को सार्वजनिक व निजी संपत्तियों के नुकसान का आगणन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में PMGSY की जेसीबी मशीन मलबे को हटाने और गदेरे में नाली बनाकर पानी को सुरक्षित दिशा में मोड़ने के कार्य में जुट गई है, ताकि संपर्क मार्ग को जल्द बहाल किया जा सके। 

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