मयाली-गुप्तकाशी मार्ग को 'वैकल्पिक यात्रा मार्ग पर सुगबुगाहट तेज़

मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग श्रीकेदारनाथ धाम का वैकल्पिक यात्रा मार्ग,
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मयाली-गुप्तकाशी मार्ग को 'वैकल्पिक यात्रा मार्ग' घोषित करने की सुगबुगाहट, शासन को भेजी गई रिपोर्ट।

रुद्रप्रयाग। वर्ष 2013 की भीषण केदारनाथ आपदा के दौरान हजारों तीर्थयात्रियों के लिए 'जीवन रेखा' बनकर उभरा मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग एक बार फिर शासन की प्राथमिकताओं में शामिल होता दिख रहा है। लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहे इस महत्वपूर्ण मार्ग को आधिकारिक तौर पर केदारनाथ यात्रा का वैकल्पिक मार्ग बनाने की कवायद तेज हो गई है। गंगोत्री और यमुनोत्री से सीधे केदारनाथ धाम आने वाले यात्रियों के लिए यह सबसे सुगम और महत्वपूर्ण कड़ी है, जो न केवल सफर की दूरी कम करता है, बल्कि मुख्य यात्रा मार्ग पर वाहनों के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने में भी सक्षम है।

क्षेत्र के चहुंमुखी विकास और तीर्थयात्रियों की सहूलियत को देखते हुए स्थानीय जनता द्वारा गठित संघर्ष समिति लंबे समय से इस मार्ग को यात्रा मार्ग घोषित करने की मांग कर रही थी। इस जन-आंदोलन को धार देते हुए पूर्व प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कमलेश उनियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से जनभावनाओं को उनके समक्ष रखा था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से इस मार्ग की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत जांच आख्या मांगी थी।

इस संबंध में लोक निर्माण विभाग ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिलारी को प्रेषित कर दी है। विभाग का मानना है कि यदि इस मार्ग को 'हॉट मिक्स' तकनीक से सुदृढ़ बनाया जाता है, तो यह यात्रा सीजन के दौरान जाम की समस्या से बड़ी राहत दिलाएगा। विभाग ने व्यापक जनहित महत्व को देखते हुए इसे वैकल्पिक यात्रा मार्ग घोषित करने की प्रबल संस्तुति की है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पुष्टि की है कि मार्ग से संबंधित विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है और शासन स्तर पर समीक्षा के उपरांत जल्द ही इस दिशा में ठोस निर्णय लिए जाने की संभावना है।

 

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