रामरतन पवांर/ जखोली
सामाजिक कुप्रथा पर प्रहार: घरड़ा ग्राम पंचायत में शादी-समारोहों में शराब परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध व 51000 रुपये का जुर्माना।
जखोली (रुद्रप्रयाग): विकासखंड जखोली के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में सामाजिक सुधार की एक नई लहर देखने को मिल रही है। एक के बाद एक कई गांवों में महिलाओं द्वारा शराब के विरुद्ध मोर्चा खोलने के बाद अब ग्राम पंचायत घरड़ा ने भी इस दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। ग्राम प्रधान श्रीमती रामेश्वरी देवी की अध्यक्षता में आयोजित महिला मंगल दल, युवक मंगल दल और ग्रामीणों की एक संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि भविष्य में गांव के किसी भी विवाह समारोह या सार्वजनिक आयोजन में शराब न तो परोसी जाएगी और न ही इसका सेवन किया जाएगा।
बैठक में महिलाओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि शादी-ब्याह और मेहंदी जैसी रस्मों में शराब पिलाने की कुप्रथा ने न केवल सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि इससे गांवों में आए दिन लड़ाई-झगड़े और तनाव की स्थिति बनी रहती है। ग्रामीणों का मानना है कि इस कुप्रथा के कारण युवा पीढ़ी और पूरा समाज दूषित हो रहा है, जिसे जड़ से समाप्त करना अब अनिवार्य हो गया है।
सामाजिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए पंचायत ने कड़े रुख का परिचय दिया है। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति गांव में शादी या अन्य समारोहों में शराब परोसता या पीता हुआ पाया जाता है, तो उस पर ₹51,000 (इक्यावन हजार रुपये) का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, दोषी व्यक्ति के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी।
इस बैठक में प्रधान रामेश्वरी देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष ममता देवी, मीनाक्षी देवी, विजया देवी, सुनीता देवी और वीरचंद सहित करीब 40 ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर इस प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित किया। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने घरड़ा पंचायत के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे बेहतर भविष्य की ओर एक बड़ा कदम बताया है।


