विगत 29 अगस्त 2022 से आमरण अनशन पर बैठे मोहित डिमरी को जिलाप्रशासन ने उठाया।
उत्तराखण्ड में सरकार की नाक के नीचे हुए भर्ती घोटालों की जांच सीबीआई द्वारा हो कुल 6 मांगों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल के नेता मोहित डिमरी आमरण अनशन पर अपने साथियों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय में बैठे थे।
आज धरने के चौथे दिन उनकी मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया कि इन्हें मेडिकल कि अतिआवश्यक्ता है। क्योंकि यूरिन में कीटोन्स पाए गए जो स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत ज्यादा हानिकारक हैं।
इसे देखते हुए एतिहातन उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के नेतृत्व में पुलिस बल और मेडिकल की टीम धरना स्थल पर पहुंची और मोहित डिमरी को मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देकर हॉस्पिटल ले गए हैं।
अभी कुछ देर पहले मोहित डिमरी से बात करने पर उनके द्वारा कहा गया कि प्रशासन द्वारा मुझे जबरन उठाया भी जाएगा पर आमरण अनशन चलता रहेगा।
यही बात उनके साथियों ने भी कही कि इस मोहित को उठाओगे तो कई और मोहित हैं जो अनशन करेंगे कितनों को उठाओगे हम अपनी मांगों को पूरा होने के बाद ही अनशन स्थल से उठेगें।
अब देखना है कि जिला प्रशासन क्या निर्णय लेता है और राज्य सरकार का क्या रुख होता है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार उत्तराखण्ड में है और कोई भी नेता भर्ती घोटाले पर बोलने को तैयार नही है। गेंद को विधानसभा में हुई भर्तियों की तरफ मोड़ा जा रहा है जिससे कि एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ कर उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा की गई भर्तियों के मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्लान है।
क्योंकि सचिवालय में पक्ष, विपक्ष, सभी के अपने चहेते नोकरी पा गए तो गेंद कभी इधर कभी उधर हो रही।


