रामरतन सिह पवांर/जखोली
धनेश्वर महादेव मन्दिर धान्यौं मे 23 जनबरी से होगा महायज्ञ का आयोजन।
त्रियुगीनारायण मन्दिर के पवित्रय यज्ञ कुण्ड से लाया जायेगा धनेश्वर मन्दिर के हवन कुण्ड डालने के लिए अग्नि।
हिन्दू धर्म मे यज्ञ की परम्परा वैदिक काल से चली आ रही है। धर्म ग्रंथो मे मनोकामना पूर्ति व किसी बूरी घटना को टालने के लिए यज्ञ करने के लिए कई प्रसंग मिलते है। रामायण व महाभारत मे ऐसे अनेक राजाओं का वर्णन मिलता है, जिन्होंने महान यज्ञ किये थे।देबताओ को प्रसन्न करने के लिए के लिए भी यज्ञ किये जाने की परम्परा है।
आपको बता दे कि इस प्रथा को लेकर जखोली के लस्या पट्टी के धान्यों मे धनेश्वर मन्दिर मे 9 दिवसीय हवन, महायज्ञ का आयोजन किया जायेगा यह आयोजन ठीक 12 साल बाद किया जायेगा। ज्ञात हो कि 19दिसंबर को इस यज्ञ के आयोजन किये जाने हेतू नगेला देवता पर्यटन समिति के अध्यक्ष विजेन्द्र सिह मेवाड़ की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई बैठक मे धनेश्वर मन्दिर मे यज्ञ
समिति के अनुसार 23 जनवरी से महायज्ञ का शुभारंभ किया जायेगा और 31 मन्दिर मे हवन कुण्ड मे आग जलाने हेतू त्रियुगीनारायण से मन्दिर से लायी जायेगी जनवरी को इस यज्ञ का समापन्न होगा।
बैठक मे मन्दिर समिति के अध्यक्ष विजेन्द्र सिह मेवाड़, ना इं कालेज बजीरा के प्रधानाचार्य शिव सिह रावत.विनोद थपलियाल, मालचंद सिह रावत त्यूंखर. प्रधान श्रीमती दर्शनी देबी, जसपाल सिह राणा, हयात सिह राणा बसंत सिह राणा, प्रधान धनकुराली धूम सिह राणा, सहित कई लोग उपस्थित थे

