राजेश भट्ट-रूद्रप्रयाग
अथक परिश्रम के बाद मेरी बंदोंला गढवाली गीत को किया रिलिज।
देखिए रिलिज हुए गढवाली का वीडियो व क्या कहना है इस कलाकार का।
रुद्रप्रयाग- आज अक्सर कई नौजवान गायकी के क्षेत्र मे बहुत ही अच्छा काम कर रहे अपनी गायकी के द्वारा गीतो के माध्यम से अपनी कलाकारी व संस्कृति को उजागर करने का कार्य निरंतर कर रहे है।यही ही नहीं लोक गीतों के माध्यम से छोटे बड़े सांस्कृतिक मंचो पर कलाकारी पेश करके अपनी रोजी रोटी कमाने का काम कर रहे वसरते इसके लिए भरसक प्रयास करने की जरूरत है।
इसी तरह ग्राम पावौ धनपुर पट्टी के निवासी प्रवेश किशन ने अपने अथक प्रयास से एक गढ़वाली गीत मेरी बंदोंला शीर्षक नाम से गाया है जिस गीत में रस झलकता है। प्रवेश किशन ने बताया है कि मेरी बंदोला गाने को बनाने में एक माह का समय लग गया गाने में गढ़वाली को आज के समयानुसार गाया गया है। प्रवेश किशन का कहना है कि अपनी गढ़वाली बोली भाषा संस्कृति एवं परंपरा को सभी लोगों को जीवित रखने की भरसक कोशिश करनी चाहिए ।
मैंने गाने को बिना वाद्य यंत्रों के ही गाया, क्योंकि मेरे पास संगीत के संसाधनों की कमी थी, और आर्थिक स्थिति भी दयनीय थी क्योंकि बिना आर्थिकी का कुछ भी संभव नही है जिसके कारण मैं इन वाद्य यंत्रों को खरीद नहीं सकता था। लेकिन आप लोगों के आशीर्वाद से मैंने पहला गाना गाया जिसे आप लोगों के आशीर्वाद से मेरी बंदोला कुछ दिन पूर्व रिलीज हुई है जिसे काफी लोगों के द्वारा सराहा गया है और अब मुझे धीरे धीरे जनता का समर्थन मिल रहा है ।
प्रवेश किशन से बातचीत के अंश।

