विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का बूथ प्लान: शक्ति केंद्र, पूर्णकालिक कार्यकर्ता और ‘आंगन का मिलन’ पर फोकस।
देहरादून। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उत्तराखंड भाजपा ने संगठनात्मक गतिविधियों को बूथ और शक्ति केंद्र स्तर तक सक्रिय करने पर जोर बढ़ाया है। पार्टी की चुनावी तैयारियों में शक्ति केंद्रों के साथ नियमित बैठकें, पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की तैनाती और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क गतिविधियों को प्रमुखता दी जा रही है। हिमालय की आवाज़ न्यूज पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि शक्ति केंद्रों पर साप्ताहिक बैठकें आयोजित की जा रही हैं और प्रभारियों को जमीनी गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
शक्ति केंद्र भाजपा की स्थानीय संगठनात्मक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इन इकाइयों के माध्यम से कई मतदान केंद्रों को संगठनात्मक रूप से जोड़ा जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी शक्ति केंद्रों को पार्टी के संगठनात्मक और चुनावी कामकाज का महत्वपूर्ण केंद्र बताया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में संगठनात्मक गतिविधियों को इन स्थानीय इकाइयों के माध्यम से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
कम अंतर वाली सीटों पर भी तैयारी
भाजपा विधानसभा क्षेत्रों में पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय कर रही है। इनकी जिम्मेदारी शक्ति केंद्र प्रमुखों के साथ समन्वय, कार्यकर्ताओं से संपर्क और स्थानीय स्तर की गतिविधियों की निगरानी से जुड़ी है।
धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने हिमालय आवाज से बातचीत में कहा कि भाजपा का संगठनात्मक तंत्र सक्रिय है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में करीब 5,000 मतों के अंतर से जीती सीटों पर पार्टी विशेष तैयारी कर रही है और वरिष्ठ नेताओं को ऐसी विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है। चमोली ने यह भी कहा कि भाजपा आगामी चुनाव में अपने पिछले कार्यकाल के कार्यों के आधार पर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है।
‘आंगन का मिलन’ से सामुदायिक संपर्क
भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों के समानांतर राज्य सरकार का ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम भी चर्चा में है। यह कार्यक्रम ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक प्रदेश के 20,067 आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में महिलाओं, बच्चों और अभिभावकों से संवाद, पोषण, स्वास्थ्य तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी देने जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान कहा कि इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को जनता से और अधिक जोड़ना तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी और लाभ पहुंचाना है। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में 20,067 आंगनबाड़ी केंद्र दर्ज हैं।
युवा, महिलाएं और लाभार्थी भी फोकस में
भाजपा की चुनावी तैयारियों में युवा, महिलाएं और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंच बनाने वाली गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार शक्ति केंद्र स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और पुराने कार्यकर्ताओं से दोबारा संपर्क स्थापित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषण के तौर पर हिमालय की आवाज से बातचीत में एक विश्लेषक ने कहा कि शक्ति केंद्र जैसी विकेंद्रीकृत संगठनात्मक व्यवस्था से पार्टी को स्थानीय मुद्दों और बूथ स्तर के फीडबैक को समझने में मदद मिल सकती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आमतौर पर शक्ति केंद्रों में कई मतदान केंद्रों को जोड़ा जाता है।
इस तरह उत्तराखंड में भाजपा की मौजूदा संगठनात्मक तैयारियों में बूथ स्तर की संरचना, शक्ति केंद्रों की सक्रियता, कार्यकर्ताओं का समन्वय और सामुदायिक जनसंपर्क प्रमुख हिस्से के रूप में सामने आ रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में इन गतिविधियों का संगठनात्मक स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है, यह चुनावी प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होगा।


