80 से अधिक गांवों की जीवनरेखा असुरक्षित, गंगानगर-पठालीधार-थाती-बड़मा मार्ग पर हादसों का खतरा।
अगस्त्यमुनि। केदारनाथ और रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्रों के 80 से अधिक गांवों तथा तहसील बसुकेदार को जोड़ने वाला गंगानगर-पठालीधार-थाती-बड़मा मोटर मार्ग बदहाली और असुरक्षा से जूझ रहा है। नगर पंचायत अगस्त्यमुनि से जुड़े इस महत्वपूर्ण मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने से ग्रामीणों को दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। बरसात के दौरान स्थिति और अधिक चिंताजनक हो जाती है, जिससे लोगों का आवागमन जोखिम भरा बन जाता है। ग्रामीणों ने मार्ग की स्थिति में सुधार और सुरक्षा संबंधी कार्यों में तेजी लाने की मांग उठाई है।
ग्राम प्रधान सुजाता देवी के अनुसार, इस मोटर मार्ग से बड़ी संख्या में ग्रामीण महाविद्यालय, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवाजाही करते हैं। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासी सतीश गोस्वामी ने बताया कि बरसात के दौरान मार्ग पर सफर करना मुश्किल हो जाता है। वहीं, संजय नेगी का कहना है कि सड़क पर कई बार वाहन फिसलने जैसी स्थिति बन चुकी है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र के दर्जनों गांवों की दैनिक जरूरतों और आवश्यक सेवाओं से जुड़ी जीवनरेखा है।
कांग्रेस के अगस्त्यमुनि ब्लॉक अध्यक्ष हरीश गुसाईं ने कहा कि मार्ग के सुधारीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग को लेकर पूर्व में कई बार आंदोलन किए जा चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों को अब तक स्थायी सुधार दिखाई नहीं दिया है। उन्होंने सड़क की स्थिति को देखते हुए आवश्यक निर्माण कार्य जल्द कराने की जरूरत बताई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आवागमन के दौरान गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस ने बताया कि मार्ग पर भूस्खलन की रोकथाम के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही सड़क सुधारीकरण का कार्य भी कराया जाएगा। अब ग्रामीणों को विभागीय कार्रवाई के धरातल पर उतरने और मार्ग सुरक्षित होने का इंतजार है।

