केदारनाथ में बीकेटीसी के अस्थायी कर्मचारियों का धरना दूसरे दिन भी जारी सात दिन का अल्टीमेटम।
रुद्रप्रयाग- बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अस्थायी कर्मचारियों का स्थायीकरण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को कर्मचारियों ने सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक दो घंटे कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। इस दौरान कर्मचारियों ने समिति के प्रभारी को पत्र सौंपकर सात दिन के भीतर मांगों का निराकरण करने की मांग की। निर्धारित अवधि में सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
कर्मचारियों का कहना है कि मंदिर समिति में करीब 300 कर्मचारी लंबे समय से अस्थायी रूप से सेवाएं दे रहे हैं। केदारनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने और विभिन्न कार्यों के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद स्थायीकरण की मांग पर अब तक ठोस निर्णय नहीं हो पाया है।
कर्मचारियों ने समिति को सौंपे पत्र में यह भी उल्लेख किया कि बीकेटीसी में कार्यरत 12 अस्थायी कर्मचारियों का निधन हो चुका है। उनके परिवारों के भरण-पोषण के लिए समिति की ओर से ठोस व्यवस्था नहीं किए जाने पर कर्मचारियों ने चिंता जताई और प्रभावित परिवारों के हित में कदम उठाने की मांग की।
वहीं, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों के पद सृजित करने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए उनके निराकरण के लिए पहल किए जाने की बात कही।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि सात दिन के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। सौंपे गए पत्र पर राजेंद्र सिंह, आलोक बजवाल, संदीप सिंह सहित कई कर्मचारियों के हस्ताक्षर हैं।

