पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षकों की बैठक।
13 सितंबर की देहरादून रैली की बनाई रणनीति।
जखोली। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर विकासखंड सभागार जखोली में शिक्षक-कर्मचारियों की आम बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 13 सितंबर 2026 को देहरादून में प्रस्तावित रैली को सफल बनाने के लिए विकासखंड स्तर पर तैयारियों और अधिक से अधिक शिक्षक-कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर रणनीति तैयार की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली शिक्षक-कर्मचारियों की प्रमुख मांग है। उन्होंने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
बैठक में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर चल रहे देशव्यापी आंदोलन पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 लागू होने की तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की बाध्यता लागू करना न्यायसंगत नहीं है। इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार को आवश्यक संशोधन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यरत शिक्षकों को टीईटी से राहत देने के बजाय विशेष टीईटी का विकल्प दिए जाने की चर्चा स्वीकार्य नहीं है।
वक्ताओं ने राज्य सरकार पर कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने के बजाय उन्हें गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिक्षक-कर्मचारी पुरानी पेंशन की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार ओपीएस के स्थान पर यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) का विकल्प सामने रख रही है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद रुद्रप्रयाग से बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी 13 सितंबर को देहरादून पहुंचेंगे। प्रदेशभर के हजारों शिक्षक-कर्मचारियों के साथ मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में भागीदारी की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता अनुसूइया रुड़ियाल ने की, जबकि संचालन दिनेश कोठारी ने किया।
इस अवसर पर एनएमओपीएस गढ़वाल मंडल के महामंत्री देवेंद्र फरस्वाण, जिलाध्यक्ष एसएस राणा, मंडलीय उपाध्यक्ष दीपक भट्ट, राजविलोचन राणा, अवतार राजपूत, जेपी चमोली, अनिल कप्रवान, शशि भूषण गौड़, रजत कुमार, गिरीश बड़ोनी, मीना सिंवाल, संगीता डोभाल, प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री मानवेन्द्र गहवार, नरेंद्र सिंगवाल, नरेश कोठारी, संदीप कुमार और जितेंद्र नेगी समेत बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी मौजूद रहे।


