तल्ला नागपुर की समस्याओं को लेकर डीएम को ज्ञापन।
मांगें पूरी न होने पर अनशन की चेतावनी।
चोपता। तल्ला नागपुर क्षेत्र की लंबे समय से लंबित ज्वलंत समस्याओं के निराकरण को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आक्रोश गहराता जा रहा है। सोमवार को इस संबंध में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा से मुलाकात कर चार सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे उग्र आंदोलन और अनशन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों ने विगत 25 जून को क्षेत्र में हुई महापंचायत के सामूहिक निर्णय से अवगत कराया। जिला पंचायत सदस्य संपन्न नेगी ने बताया कि तल्ला नागपुर क्षेत्र पिछले कई वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन प्रशासन द्वारा इस ओर लगातार उदासीनता बरती जा रही है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य रूप से चार मांगों को प्रमुखता से उठाया, जिनमें तल्ला नागपुर में पॉलिटेक्निक भवन का निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने, तल्ला नागपुर-तुंगनाथ पेयजल योजना का पुनर्गठन करने, तल्ला नागपुर फेज-2 योजना के अधूरे पड़े कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने तथा चोपता क्षेत्र में पर्यटन व यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए पार्किंग निर्माण का कार्य शीघ्र आरंभ करना शामिल है।
नेगी ने कहा कि प्रशासन को इन समस्याओं के समाधान और कार्य धरातल पर शुरू करने के लिए 15 दिनों का समय (अल्टीमेटम) दिया गया है। यदि इस समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं होते हैं, तो क्षेत्र की जनता अनशन पर बैठने को मजबूर हो जाएगी। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रधान दलेब सिंह सजवाण, अखिलेश सिंह, साधना देवी, गजेंद्र सिंह करासी, चंदन लाल शाह, अवतार सिंह रावत, राकेश चंद्र, योगम्बर कुनियाल और हिम्मत सिंह रावत सहित कई वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे।


