खलियान गांव में भारी तबाही: ब्लॉक प्रमुख ने जाना हाल

10 जून को हुई मूसलाधार बारिश ने खलियान गांव में भारी तबाही,
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 भारी बारिश से खलियान गांव में खेती की भूमि व पैदल मार्गों के साथ पशुधन का हुआ नुकसान।

 ब्लॉक प्रमुख ने जाना हाल, सिंचाई और राजस्व विभाग राहत कार्य में जुटे।

खलियान गांव: विगत 10 जून को हुई मूसलाधार बारिश ने खलियान गांव में भारी तबाही मचाई है। आपदा की सूचना मिलते ही ब्लॉक प्रमुख विनीता चमोली ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। ब्लॉक प्रमुख ने ग्रामीणों को ढाढस बंधाते हुए उनके सहयोग से सभी समस्याओं के त्वरित निदान का भरोसा दिया है।




इस प्राकृतिक आपदा में गांव को बड़े पैमाने पर जन-धन और कृषि का नुकसान झेलना पड़ा है। मूसलाधार बारिश के कारण गांव के 9 गौशालाएं ढह गईं, जबकि 9 भैंसें मलबे और तेज बहाव की चपेट में आ गईं। इसके अलावा बड़े पैमाने पर कृषि भूमि, एक पैदल पुलिया, पंचायत भवन का शौचालय और गांव का मुख्य संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। एक आवासीय मकान को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है। आपदा के बाद से ही राजस्व विभाग की टीम मुस्तैद है। कानूनगो और तीन पटवारी लगातार प्रभावित क्षेत्र में रहकर नुकसान का सटीक आकलन करने में जुटे हैं।

राजस्व और सिंचाई विभाग मुस्तैद राजस्व विभाग के कानूनगो दुर्गा सिंह रावत ने बताया कि आपदा में गांव की लगभग 80 नाली कृषि भूमि बुरी तरह प्रभावित हुई है। लापता 9 भैंसों में से 7 के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि 2 भैंसें अभी भी लापता हैं। राहत की बात यह है कि गांव में विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह सुचारू कर दिया गया है। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों पर भी युद्धस्तर पर काम चल रहा है, जिससे अधिकांश हिस्सों में पानी की आपूर्ति बहाल हो चुकी है।

वर्तमान में सबसे बड़ा खतरा गांव के ऊपर खुडगड़ गदेरे पर पिलरों के सहारे टिकी 'लस्तर नहर' से बना हुआ है। भारी बारिश और मलबे के कारण पिलरों के नीचे गहरी खाई बन गई है, जिससे नहर कभी भी ध्वस्त हो सकती है। यदि ऐसा हुआ, तो नहर का पानी पूरे गांव को अपनी जद में ले लेगा। ग्रामीण इसे तत्काल ठीक करने की मांग कर रहे हैं।

इस गंभीर समस्या पर सिंचाई विभाग के अवर अभियंता राजन ने बताया कि पिलरों के नीचे पानी के कटाव से बनी खाली जगह को 'प्लस फिलिंग' (Plum Concrete) के जरिए भरकर पूरी तरह सुरक्षित किया जाएगा। साथ ही, खतरे की जद में आए रामचंद्र भट्ट के मकान को भविष्य में सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा दीवार (Retaining Wall) का निर्माण कराया जाएगा। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए नहर के भीतर जमा प्लास्टिक और कूड़े-कचरे की सफाई का काम भी शुरू करवा दिया गया है।

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