स्वास्थ्य सचिव राजेश कुमार की नाराजगी झेलेंगे 4 जनपदों के CMO।
मुख्यमंत्री के आगामी प्रोग्राम के लिए ही विभागीय सूचना नही दे रहें हैं CMO।
वैलनेस सेंटर में नियुक्ति की सूचना शासन को न भेजने पर स्वास्थ्य सचिव बेहद नाराज।
उत्तराखण्ड जैसे छोटे राज्य में इस तरह की कार्यप्रणाली का होना कहीं न कहीं नीतिनियन्ताओं को दुबारा से सोचने ध्यान देना चाहिए।
सूबे के मुखिया का आगामी 23 दिसम्बर को रोजगार मेले में सम्मिलित होना है और इस रोजगार मेले में मुख्यमंत्री द्वारा 19 चयनिय युवाओं को तैनाती हेतु नियुक्ति पत्र दिए जाने का कार्यक्रम है पर सूचना 4 जनपदों से अभी तक नही मिली।
उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार ने चार जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है जिसमें देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग ओर उत्तरकाशी के मुख्य चिकित्साधिकारी शामिल हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम कर अन्तर्गत्त आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के उच्चीकरण का कार्य किया जाना है। जबकि सीएमओ स्तर से इस महत्वकांक्षी योजना में गम्भीरता से कार्य नही किया जा रहा है।
योजना में कितनी गम्भीरता से कार्य होता होगा इस बात का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री द्वारा बांटे जाने वाले नियुक्ति पत्रों को पाने वालों के नाम ही शासन को उपलब्ध नही करवाये गए हैं और कल का दिन 22 दिसम्बर शेष है 23 दिसम्बर को कार्यक्रम का आयोजन होना है।
स्वास्थ्य सचिव ने आज स्पष्ट कहा कि कार्यक्रम में कोई चूक या लापरवाही होने कि दशा में CMO स्वयं जिम्मेदार रहेगे ओर इस बार इनकी परफॉर्मेंस में नेगेटिव रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
अब सवाल है कि जब इतना महत्वपूर्ण कार्यक्रम है ओर अधीनस्थ इस तरह असहयोग पर उतारू हैं तो क्या समझा जाए इन्हें भी वरदहस्त मिला हुआ है या मुगालते में हैं अभी।


