चिरबिटिया कृषि महाविद्यालय में अगले सत्र से कक्षाएं प्रारम्भ करवाने की तैयारी - कुलपति डॉ. बीपी भट्ट।
महाविद्यालय की अवस्थापनाओं के लिए मास्टर प्लान बनाने के लिए टीम का स्थलीय निरीक्षण।
जखोली/चिरबिटिया। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के कुलपति डॉ. बी.पी. भट्ट ने चिरबिटिया स्थित पर्वतीय कृषि महाविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि विश्वविद्यालय का मुख्य लक्ष्य अगले शैक्षणिक सत्र से इस परिसर में नियमित कक्षाओं का सफल संचालन करना है।
निरीक्षण के दौरान कुलपति ने बताया कि महाविद्यालय में मूलभूत ढांचागत सुविधाओं और आवासीय भवनों के विकास के लिए एक विशेष मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके तहत तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से आधुनिक भवनों का निर्माण कराया जाएगा। निरीक्षण टीम में शामिल तकनीकी विशेषज्ञों ने परिसर का सर्वेक्षण कर प्रशासनिक व आवासीय भवनों की रूपरेखा तैयार की।
इस महाविद्यालय की स्थापना 24 सितंबर 2013 को पर्वतीय क्षेत्र की विशिष्ट कृषि आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर की गई थी। शुरुआत में यहाँ उद्यानिकी से जुड़े डिप्लोमा कोर्स चलाए गए। वर्तमान में संसाधनों के अभाव के कारण यहाँ का मुख्य डिग्री प्रोग्राम रानीचौरी परिसर से संचालित हो रहा है, जिसे अब वापस चिरबिटिया स्थानांतरित करने की तैयारी है। यह परिसर अपने बेहतरीन वर्षा जल संरक्षण (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) मॉडल के लिए भी क्षेत्र में अग्रणी रहा है। कुलपति के इस आश्वासन से स्थानीय युवाओं और क्षेत्रवासियों में उच्च कृषि शिक्षा को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।


