सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूता की मौत पर फूटा गुस्सा।
प्रधान संघ ने तहसील घेरी, 45 दिन का अल्टीमेटम।
थराली (चमोली)। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण दम तोड़ते मरीजों और सिस्टम की बेरुखी के खिलाफ जन-आक्रोश भड़क उठा है। थराली विकासखंड के अंतर्गत हरिनगर लेटाल गांव की एक गर्भवती महिला, सरिता देवी की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) थराली से हायर सेंटर रेफर किए जाने के दौरान एंबुलेंस में ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित क्षेत्र के ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने प्रधान संघ के बैनर तले तहसील परिसर में राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) यशवीर सिंह रावत के माध्यम से मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य निदेशक को एक मांग पत्र प्रेषित किया। ज्ञापन में मृतका सरिता देवी की मौत की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने, दोषी चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को तत्काल उचित वित्तीय मुआवजा देने की मांग की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि तीन विकासखंडों और तीन तहसीलों की विशाल आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला एकमात्र मुख्य केंद्र सीएचसी थराली है। दुर्भाग्यवश, यह अस्पताल वर्षों से केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गया है क्योंकि यहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों का भारी अभाव है। प्रधान संघ ने पुरजोर मांग की है कि चिकित्सालय में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट), बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन), और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की तुरंत स्थाई तैनाती की जाए। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने, स्टाफ नर्सों के रिक्त पदों को भरने और 24 घंटे सुरक्षित प्रसव की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है।
प्रधान संघ के अध्यक्ष राजेंद्र रावत ने शासन-प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी 45 दिनों के भीतर इन बुनियादी मांगों पर धरातल पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन क्षेत्र की जनता को साथ लेकर अनिश्चितकालीन उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में कोषाध्यक्ष प्रमोद जोशी, सचिव मंजू जोशी, उपाध्यक्ष केदार देवराड़ी, मनवर सिंह, चमेली देवी, मुकेश बिष्ट, आशीष परिहार, गोबिंद राम, सूरज सोलियाल, भगवत सिंह, दिनेश फर्स्वाण, विजयलाल, बृजमोहन गुसाईं और अनीता देवराड़ी समेत भारी संख्या में ग्राम प्रधान व स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।


