गौरीकुंड में भूस्खलन: प्रीपेड काउंटर के पास भारी चट्टान गिरने से ढाबा मलबे में दबा, टला बड़ा हादसा।
सोनप्रयाग। केदारनाथ यात्रा के मुख्य आधार शिविर गौरीकुंड में लगातार जारी मूसलाधार बारिश के बीच गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। क्षेत्र में अचानक हुए भूस्खलन के कारण प्रीपेड काउंटर के समीप पहाड़ी से एक विशालकाय चट्टान और भारी मात्रा में मलबा भरभराकर नीचे आ गिरा। इस चट्टान की सीधी चपेट में आने से वहां संचालित एक अस्थायी टेंटनुमा ढाबा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। गनीमत यह रही कि इस संवेदनशील घटना के वक्त न तो पैदल मार्ग पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही हो रही थी और न ही ढाबे के भीतर कोई व्यक्ति मौजूद था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।
केदारघाटी में बीते कुछ दिनों से हो रही अनवरत वर्षा के चलते समूचा क्षेत्र बेहद संवेदनशील बना हुआ है और विभिन्न स्थानों पर लगातार भूस्खलन व बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी है। गौरीकुंड में प्रीपेड काउंटर के पास हुए इस अचानक भूस्खलन से कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, स्थिति सामान्य होने के बाद तीर्थयात्रियों को सुरक्षित इसी मार्ग से केदारनाथ धाम के लिए रवाना किया गया। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता दीर्घायु प्रसाद ने क्षेत्र की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सुबह अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा टूटकर नीचे आ गया, जिसने अस्थायी ढाबे को पूरी तरह अपनी जद में ले लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक वर्षा के कारण वर्तमान में इस पूरे पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा निरंतर बना हुआ है।
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। कोतवाली निरीक्षक सोनप्रयाग सुरेश बलूनी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मलबे की चपेट में आने से एक अस्थायी टेंटनुमा ढाबा पूरी तरह ध्वस्त हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि घटना में किसी भी प्रकार के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही, मौसम के मिजाज को देखते हुए यात्रा मार्ग पर चल रहे सभी श्रद्धालुओं से बेहद सतर्कता और सावधानी बरतने की अपील की गई है।


