अगस्त्यमुनि में महिला रामलीला का नवां दिन।
रावण-अंगद संवाद के जीवंत मंचन ने दर्शकों को किया भावविभोर।
अगस्त्यमुनि। केदारघाटी के प्रमुख पड़ाव अगस्त्यमुनि में आयोजित ऐतिहासिक महिला रामलीला में महिला कलाकारों का उत्कृष्ट अभिनय और संवाद अदायगी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहाँ हिमालयन वीरांगना संस्था द्वारा संचालित की जा रही रामलीला के नवें दिन के मंचन में पात्रों के दमदार अभिनय ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। शनिवार देर रात तक चले मंचन के दौरान लंका दहन के बाद का घटनाक्रम और विशेष रूप से रावण-अंगद संवाद का बेहद प्रभावशाली दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे पंडाल को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया।
मंचन के दौरान शांतिदूत बनकर रावण के दरबार में पहुंचे वीर अंगद द्वारा प्रस्तुत किए गए दृढ़, नीतिपूर्ण और साहसिक संदेशों को महिला कलाकारों ने बेहद सशक्त ढंग से मंच पर उतारा। वहीं, दूसरी ओर रावण के अभिनय में कलाकारा ने लंकापति के घमंड और अहंकार को अपनी बुलंद आवाज व जीवंत अभिनय से जीवंत कर दिया। दोनों ही प्रमुख पात्रों के बीच हुए तीखे और तर्कपूर्ण संवाद ने दर्शकों में भारी उत्साह व रोमांच भर दिया।
इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी भगवान राम की इस दिव्य लीला के साक्षी बने। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कमलेश जमलोकी, कुसुम नेगी, शर्मिला बगवाड़ी, ताजवर बिष्ट, रागिनी नेगी, श्रीनंद जमलोकी, शिवानी भट्ट, हिमांशु पंवार, बीना पंवार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय मातृशक्ति और रामभक्त उपस्थित रहे। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि महिला कलाकारों द्वारा सनातन संस्कृति के इस प्रचार-प्रसार को जनता का भरपूर सहयोग और सराहना मिल रही है।


