ऊखीमठ PHC के उच्चीकरण का शासनादेश जारी, 26 दिन बाद खत्म हुआ क्रमिक अनशन।
विधायक आशा नौटियाल ने दी जानकारी, मुख्यमंत्री धामी और स्वास्थ्य मंत्री के प्रयासों से स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद।
रुद्रप्रयाग। ऊखीमठ क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर पिछले 26 दिनों से चल रहा क्रमिक अनशन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के उच्चीकरण का शासनादेश जारी होने के बाद समाप्त हो गया।
केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने अपने फेसबुक पेज पर वीडियो जारी कर शासनादेश जारी होने की जानकारी दी। इस फैसले से ऊखीमठ सहित मद्महेश्वर और तुंगनाथ घाटी के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है।
विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के प्रयासों से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और दूरस्थ गांवों की जरूरतों को देखते हुए ऊखीमठ में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना आवश्यक है।
ऊखीमठ तहसील परिसर में शुक्रवार को क्रमिक अनशन के समर्थन में योगेंद्र सिंह राणा, प्रदीप ध्याणी, साक्षी नेगी, प्रदीप रावत और बचन सिंह रावत अनशन पर बैठे। इससे पहले आंदोलनकारियों ने मुख्य बाजार में प्रदर्शन किया और शहीद अशोक कैशिव के स्मारक पर माल्यार्पण कर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। आंदोलन को क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का समर्थन मिला।
इस दौरान व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, बसंती रावत, पूर्व सभासद प्रमोद नेगी और बलवंत सिंह रावत सहित कई लोग मौजूद रहे।
शासनादेश जारी होने के बाद अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इसके क्रियान्वयन पर टिकी हैं। चिकित्सकीय पदों पर नियुक्ति और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता से ही क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।

