धान्यू में मां चण्डिका देवी के पांच दिवसीय कौथिग का आगाज, 30 अक्टूबर को होगा समापन।
जखोली। रुद्रप्रयाग जनपद के जखोली विकासखंड की लस्या पट्टी स्थित धान्यू गांव में मां चण्डिका देवी के पांच दिवसीय थल्लू (कौथिग) का शुभारंभ 26 अक्टूबर से हो गया है। पारंपरिक देव नृत्य और धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े इस कौथिग का 30 अक्टूबर को समापन होगा। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में क्षेत्र के 18 गांवों की सहभागिता रहती है। देव आस्था और लोक परंपराओं के संगम से जुड़े इस धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
धान्यू में आयोजित यह कौथिग मां चण्डिका देवी को समर्पित है। आयोजन के दौरान नगेला देवता, जगदी, शक्ति और नागराजा की देव डोलियों का पारंपरिक नृत्य आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। देव डोलियों के नृत्य और धार्मिक रीति-रिवाजों के माध्यम से ग्रामीण अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत से जुड़ रहे हैं। स्थानीय परंपराओं के अनुसार आयोजित होने वाला यह थल्लू क्षेत्र की विशिष्ट धार्मिक पहचान का प्रतीक है।
कौथिग में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की सहभागिता से गांवों में उत्सव जैसा वातावरण बना हुआ है। ऐसे आयोजन न केवल लोक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, पारंपरिक रीति-रिवाजों और देव परंपराओं से परिचित कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पहाड़ की समृद्ध लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दृष्टि से भी इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है।
इस अवसर पर मेला समिति के अध्यक्ष बिजेन्द्र मेवाड़, कोषाध्यक्ष किशन सिंह नेगी, संरक्षक सरत सिंह गहरवार, प्रबंधक रघुवीर सिंह राणा, पूर्व ज्येष्ठ उपप्रमुख अर्जुन सिंह गहरवार, ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी, कोटी के पूर्व प्रधान शिवराज सिंह नेगी, धूम सिंह राणा, आषाड़ा के पूर्व प्रधान राणा मखेत, पाजणा के पूर्व प्रधान त्रिलोक सिंह रोतेला और रणबीर सिंह सहित अनेक लोग मौजूद रहे। देव परंपरा से जुड़े नगेला देवता के रावल बसंत सिंह राणा, मां चण्डिका देवी के रावल देव प्रकाश, जगदी के रावल प्रेम दत्त ममंगाई तथा शक्ति के रावल प्रेम सिंह राणा सहित अन्य श्रद्धालु भी आयोजन में शामिल हुए। पांच दिवसीय कौथिग का समापन 30 अक्टूबर को होगा।

