तिलवाड़ा सौड़ में महिला रामलीला के दूसरे दिन राम वनवास के बाद केवट संवाद ओर भरत मिलाप का भावपूर्ण मंचन।
तिलवाड़ा । श्री शाणेश्वर कन्या जूनियर हाईस्कूल तिलवाड़ा सौड़ में आयोजित महिला रामलीला के दूसरे दिन भगवान श्रीराम के चौदह वर्ष के वनवास में भरत मिलाप और राम-केवट संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। मां नन्दा महिला रामलीला माँगल योग समिति की महिला कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से रामायण के प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया। रामलीला देखने पहुंचे दर्शक कलाकारों की प्रस्तुति से भावविभोर नजर आए। विशेष रूप से राम-केवट संवाद ने दर्शकों को भक्ति, समर्पण और आत्मीयता का संदेश दिया।
मंचन के दौरान रामचरितमानस की चौपाई “मागी नाव न केवटु आना। कहइ तुम्हार मरमु मैं जाना॥” तथा “पद पखारि जलु पान करि, आपु सहित परिवार। पितर पारु करि प्रभुहि पुनि, मुदित गयउ लेइ पार॥” के माध्यम से भगवान श्रीराम और केवट के बीच श्रद्धा एवं प्रेम के प्रसंग को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने रामलीला को भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक मूल्यों का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने कहा कि पिता की आज्ञा को निभाने के लिए जगत नियंता को एक साधारण मल्लाह की मदद ली गयी इससे हमें यह शिक्षा मिलती है कि जब जगत का पालनहार एक साधारण नाविक से मदद ली और केवट को देने के लिए कुछ नही रहा तो केवट को बचन दिया कि 14 वर्ष बनवास की अविधि के बाद वापस आकर मिलूंगा। जब भगवान राम ने लंका विजय की तो पुष्पक विमान से वापस आये थे तो भी केवट को दिए वचन निभाने के लिए विमान केवट को मिलने हेतु उतारा और केवट को मिलकर गए हम कितना बड़ा पद प्रतिष्ठा वाले हों पर आमजन से हमारा व्यवहार मृदु होना चाहिए।
रामलीला के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों के साथ सामाजिक दायित्वों और जनकल्याण का संदेश भी दिया जा रहा है। आयोजन में जिला पंचायत सदस्य निर्मला बहुगुणा, लीलावती सकलानी, संगीता गौड़, लक्ष्मी शाह और पुष्पा रावत सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय दर्शक मौजूद रहे। महिला कलाकारों की प्रस्तुति ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया।



