“मंदाकिनी की आवाज” रेडियो स्टेशन 13वें वर्ष में, केदारनाथ आपदा में निभाई थी अहम भूमिका

मंदाकिनी की आवाज रेडियो स्टेशन, रुद्रप्रयाग सामुदायिक रेडियो, केदारनाथ आपदा में रेडियो, गढ़वाली बोली संरक्षण, सामुदायिक रेडियो रुद्रप्रयाग
खबर शेयर करें:

केदारनाथ आपदा में सूचनाओं का बना था सहारा।

मन्दाकिनी की आवाज़ सामुदायिक रेडियो स्टेशन का 13 वां जन्मदिन

 मंदाकिनी की आवाज रेडियो स्टेशन ने 13वें वर्ष में रखा कदम।

अगस्त्यमुनि। मंदाकिनी की आवाज सामुदायिक रेडियो स्टेशन ने अपने प्रसारण के 13वें वर्ष में प्रवेश किया। सेना गड़सारी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट मुख्य अतिथि रहे। पूर्व विधायक केदारनाथ मनोज रावत, विशिष्ट अतिथि सुंदर सिंह भंडारी समेत क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

केदारनाथ आपदा के दौरान जब संचार के अधिकांश साधन ठप हो गए थे, उस समय मंदाकिनी की आवाज सामुदायिक रेडियो स्टेशन ने सूचनाओं के प्रसारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

कार्यक्रम में लोकगीत और कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। मुरलीधर नौटियाल ने नंदा देवी का लोकगीत प्रस्तुत किया। महिला मंच तिलवाड़ा की भावना रावत, इंदु नौटियाल, वर्षा पंवार, बिमला राणा, चंदेश्वरी सकलानी, रेखा चौहान और उमा कंडारी ने लोकगीतों की प्रस्तुति दी। कवि चंद्र सिंह ने ‘अब तो फोन उठो बाबा’ व्यंग्य कविता के माध्यम से सामाजिक परिस्थितियों पर कटाक्ष किया।

राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट ने कहा कि नई पीढ़ी गढ़वाली बोली को भूल रही है। इसके संरक्षण और प्रचार-प्रसार में मंदाकिनी की आवाज निरंतर प्रयास कर रहा है। पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में भी रेडियो और किताबों की प्रासंगिकता बनी हुई है।

अध्यक्ष मानवेन्द्र नेगी ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार जताया।


खबर पर प्रतिक्रिया दें 👇
खबर शेयर करें:

हमारे व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ें-

WhatsApp पर हमें खबरें भेजने व हमारी सभी खबरों को पढ़ने के लिए यहां लिंक पर क्लिक करें -

यहां क्लिक करें----->