बरसात में घरों का रुख कर रहे सरीसृप।
कोठियाड़ा में घर में व राजकीय प्राथमिक विद्यालय रुद्रप्रयाग में आघुसा सांप, वन विभाग की टीम रेस्क्यू में जुटी।
जखोली (रुद्रप्रयाग): लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, वहीं दूसरी ओर बिलों में पानी भरने से सांप और अन्य जीव-जंतु आबादी वाले क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। ताजा मामला जखोली ब्लॉक के कोठियाड़ा गांव का है, जहां एक रिहायशी मकान में सांप घुसने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सांप को सुरक्षित पकड़ने के प्रयास शुरू कर दिए।
वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय रुद्रप्रयाग में सांप की सूचना मिलने पर उसका सफल रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया।
पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य श्रृंखला में सांप द्वितीय एवं तृतीय उपभोक्ता की श्रेणी में आते हैं। प्रकृति के जैविक संतुलन को बनाए रखने के लिए सभी जीवों का एक निश्चित आहार चक्र होता है। बरसात के मौसम में जहां चूहे और मेंढक बिलों से बाहर निकलते हैं, वहीं शीतकालीन निष्क्रियता (हाइबरनेशन) में जाने से पूर्व सांप भी अपना आहार जुटाने के लिए अधिक सक्रिय हो जाते हैं। यही कारण है कि बारिश के दिनों में सांपों की आवाजाही बढ़ जाती है।
वन क्षेत्राधिकारी (दक्षिणी जखोली रेंज) हरीश थपलियाल ने बताया कि ग्राम कोठियाड़ा में जिस मकान में सांप देखा गया है, वह काफी पुराना है। छत पत्थरों की है और भीतर लकड़ी का स्टोर बना हुआ है। इसके अलावा दीवारों में दरारें होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, टीम मौके पर डटी हुई है और सांप को खोजने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि वे अपने घरों और गौशालों के आसपास उगी झाड़ियों की नियमित सफाई रखें तथा पुराने संरचनात्मक निर्माणों के पास आवाजाही के दौरान सावधानी बरतें।




