आग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अब पूरे प्रदेश में सफल 'शीतलाखेत मॉडल

वनाग्नि सुरक्षा का शीतलाखेत मॉडल,
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वनाग्नि पर सख्त एक्शन: सूचना मिलने के 1 घंटे के भीतर मौके पर पहुंचेंगे अधिकारी।

 आग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अब पूरे प्रदेश में सफल 'शीतलाखेत मॉडल' को लागू किया जाएगा ।

शासकीय आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और आगामी मानसून की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने वनाग्नि की घटनाओं पर काबू पाने के लिए रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने पर जोर देते हुए कहा कि सूचना मिलने के ठीक एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी को हर हाल में घटना स्थल पर पहुंचना होगा। आग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अब पूरे प्रदेश में सफल 'शीतलाखेत मॉडल' को लागू किया जाएगा। इसके अलावा, जंगलों की सुरक्षा के लिए 1,000 नए फॉरेस्ट गार्ड्स की भर्ती की जाएगी और वन पंचायतों व ग्राम समितियों को आवश्यक बजट तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा।

 गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में निर्बाध पेयजल और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि वाटर टैंकरों की कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही चारधाम यात्रा मार्ग, अस्पतालों और प्रमुख संस्थानों में बिजली-पानी की बैकअप व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी अस्पतालों का अनिवार्य रूप से फायर सेफ्टी ऑडिट कराने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर दिया। चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए निर्देश दिए गए कि स्क्रीनिंग टेस्ट में अनफिट मिलने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा न करने के लिए विनम्रतापूर्वक प्रेरित किया जाए।

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