'फार्मर रजिस्ट्री' से डिजिटल होंगे किसान।
कोटेश्वर महादेव मंदिर में कृषि विभाग ने दी एग्री स्टेक की जानकारी।
जखोली (रुद्रप्रयाग): कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए कृषि विभाग रुद्रप्रयाग ने कमर कस ली है। विकासखंड जखोली के अंतर्गत कोटेश्वर महादेव मंदिर, कोठियाड़ा में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'एग्री स्टेक' (Agri Stack) परियोजना के तहत किसानों का डिजिटल डेटा तैयार करना रहा।
अब किसानों की भी होगी 'यूनिक आईडी'-
शिविर में कृषि विभाग के अधिकारी हरीश मिश्रा और कुलदीप सिंह ने ग्रामीणों को डिजिटल खेती के लाभ समझाए। उन्होंने बताया कि जिस तरह हर नागरिक की पहचान 'आधार कार्ड' से होती है, उसी तरह अब हर किसान की एक विशिष्ट पहचान (Farmer ID) होगी।
इस 'फार्मर रजिस्ट्री' में किसान का व्यक्तिगत विवरण, भूमि रिकॉर्ड और बोई जाने वाली फसलों का पूरा डेटा एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा।
फार्मर रजिस्ट्री से होने वाले मुख्य लाभ:
शिविर के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस डिजिटल पहल से किसानों का जीवन सुगम होगा:
दस्तावेजों से मुक्ति: पीएम-किसान, फसल बीमा और सब्सिडी के लिए अब बार-बार दफ्तरों के चक्कर और कागजात जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सीधा लाभ (DBT): सरकारी सहायता बिना किसी बिचौलिए के सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी।
आसान ऋण प्रक्रिया: बैंक से कृषि ऋण (KCC) लेना सरल होगा क्योंकि किसान का प्रमाणित डेटा सिस्टम पर पहले से मौजूद रहेगा।
सटीक सलाह: डिजिटल डेटा के आधार पर किसानों को मौसम और कीट प्रबंधन की सटीक जानकारी सीधे मोबाइल पर मिलेगी।
इस मौके पर ग्राम प्रधान पवन राणा और क्षेत्र पंचायत सदस्य शम्भू प्रसाद कोठारी ने विभाग की इस पहल को सराहा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इस योजना का लाभ उठाने के लिए बढ़-चढ़कर अपना पंजीकरण कराएं।
शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों ने प्रतिभाग किया और अपनी शंकाओं का समाधान कर डिजिटल कृषि की दिशा में कदम बढ़ाने का संकल्प लिया।



