चिरबटिया-गुप्तकाशी मार्ग को वैकल्पिक केदारनाथ यात्रा मार्ग बनाने की कवायद तेज, शासन ने मांगी रिपोर्ट।
रुद्रप्रयाग। जनपद वासियों के लिए एक उत्साहजनक खबर है। लंबे समय से चली आ रही चिरबटिया-गुप्तकाशी मोटर मार्ग को वैकल्पिक केदारनाथ यात्रा मार्ग घोषित करने की मांग अब धरातल पर उतरती दिख रही है। शासन स्तर पर इस दिशा में सकारात्मक कार्यवाही शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) रुद्रप्रयाग ने जिलाधिकारी को प्रेषित पत्र में इस मार्ग की तकनीकी और प्रशासनिक स्थिति को स्पष्ट करते हुए इसे वैकल्पिक यात्रा मार्ग के रूप में उपयुक्त और विचार योग्य बताया है।
इस महत्वपूर्ण पहल के पीछे भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कमलेश उनियाल के निरंतर प्रयासों को मुख्य आधार माना जा रहा है। श्री उनियाल ने इस विषय को लेकर पूर्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से व्यक्तिगत भेंट कर विस्तृत वार्ता की थी और उन्हें ज्ञापन सौंपकर मार्ग की सामरिक, धार्मिक और आर्थिक महत्ता से अवगत कराया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया था कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से भी यह मार्ग जनपद के लिए 'लाइफलाइन' सिद्ध हो सकता है। इसी का परिणाम है कि शासन ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
इस मांग को जन-जन तक पहुँचाने के लिए कमलेश उनियाल के नेतृत्व में चिरबटिया से गुप्तकाशी तक दो दिवसीय हस्ताक्षर अभियान यात्रा आयोजित की गई थी। इस अभियान को जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिला, जिसमें जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और आम नागरिकों सहित लगभग 7000 लोगों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति जताई। यह व्यापक जनसमर्थन शासन तक जनभावनाओं को पहुँचाने में निर्णायक साबित हुआ है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 की भीषण केदारनाथ आपदा के दौरान यह मार्ग एक सुरक्षित और प्रभावी संपर्क मार्ग के रूप में उभरा था। वर्तमान में केदारनाथ यात्रा के दौरान मुख्य मार्ग पर बढ़ते यातायात के भारी दबाव को देखते हुए, इस वैकल्पिक रूट का खुलना अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। इससे न केवल मुख्य मार्ग से जाम की स्थिति कम होगी, बल्कि आपदा जैसी आकस्मिक स्थितियों में सुरक्षित आवागमन का एक पुख्ता विकल्प भी तैयार रहेगा।
मीडिया को संबोधित करते हुए कमलेश उनियाल ने इस प्रगति को किसी व्यक्ति विशेष की जीत न बताकर समस्त क्षेत्रवासियों की एकजुटता का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि विभागीय रिपोर्ट के आधार पर यात्रा प्रारंभ होने की दिशा में हुई यह पहल स्थानीय युवाओं, होटल व्यवसायियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने क्षेत्र की जनता को बधाई देते हुए आह्वान किया कि भविष्य में भी स्थानीय विकास और जनहित के मुद्दों पर इसी प्रकार की सहभागिता बनाए रखें।





